कुदरहा। झारखंडेश्वर नाथ धाम गायघाट में श्रीराम महायज्ञ में अवध धाम से पधारे कथा व्यास बाल भरत दास ने पांचवें दिन शबरी की कथा सुनाकर भावविभोर कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि शबरी के जूठे बेर खाकर प्रभु श्रीराम ने सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया था, आज के सामाजिक परिवेश में वह सबसे ज्यादा प्रासंगिक है। कहा कि श्रीराम चंद्र जी की पूरी लीला समूचे मानव जगत को आदर्श जीवन की सीख देने पर केंद्रित रही। कहा कि भगवान राम ने समाज के दलित,पिछड़ों और आदिवासियों के साथ एक समान भाव से व्यवहार किया है। कहा कि आज भी भगवान को सहज, सरल और सौम्य भाव के लोग अतिप्रिय हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से मुख्य यजमान बाबा राम भजन दास, संयोजक स्कंद पाल आदि मौजूद रहे।