बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में विवाहिता के पति को 10 वर्ष और सास-ससुर को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक आरोपी पर चार-चार हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए न्यायाधीश ने आदेश दिया कि इसे न अदा करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राघवेश प्रसाद पांडेय ने न्यायाधीश के समक्ष घटना विवरण रखा। उन्होंने बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र के बनकटा गांव निवासी मनोज कुमार ने मुंडेरवा थाना में तहरीर देकर अपनी बहन चांदनी उर्फ शिखा की हत्या का आरोप उसके ससुराल पक्ष पर लगाया। तहरीर में मनोज कुमार ने बताया है कि मुंडेरवा थाना क्षेत्र के सिरोता निवासी अजय कुमार से उनसे अपनी बहन की शादी 18 मई 2017 में की थी। सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज भी दिया था। चांदनी के ससुराल वाले शादी के बाद उसे और दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। चांदनी की सास सावित्री, ससुर दीपक, ननद खुशबू और पति अजय कुमार ने दहेज के लिए 16 दिसंबर 2019 को उसे मार डाला। पोस्टमार्टम में चांदनी के शरीर पर मौत से पहले की सात चोटें भी पाई गई थीं। पुलिस ने विवेचना कर सास-ससुर और पति के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विवेचना के दौरान ननद के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम पुलिस ने विलोपित कर दिया। अदालत ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार आरोपियों का सजा सुनाई।