- हाईकोर्ट की लगी रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाई
- अब निजी स्कूलों को लौटानी होगी बच्चों से ली गई फीस
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोविड काल के दौरान निजी स्कूलों की ओर से ली गई फीस लौटाने पर लगी उच्च न्यायालय की रोक सुप्रीम कोर्ट से हटाए जाने पर अभिभावकों ने खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि अब निजी स्कूलों को 15 प्रतिशत फीस लौटानी होगी। वहीं, डीआईओएस का कहना है कि आदेश आने पर कार्रवाई की जाएगी।
सभी स्कूलों को 10 महीने में विद्यार्थियों की 15 फीसदी फीस लौटाने के निर्देश दिए गए थे। उस वक्त कई स्कूलों ने फीस लौटा भी दी थी। शुक्रवार सुबह से ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अभिभावक खुश थे। उनका कहना है कि कोरोना के दौर में अभिभावकों की आमदनी नहीं हो रही थी और खर्च बढ़ रहे थे, लेकिन निजी स्कूल संचालकों के साथ ऐसी स्थिति नहीं थी। फिर भी निजी स्कूलों ने पूरी फीस वसूली। कोर्ट के आदेश के बाद भी हीलाहवाली करते रहे।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुशी हुई। फैसला अभिभावकों के हित में है। निजी स्कूलों को अब हमारी फीस लौटा देनी चाहिए।
राकेश गुप्ता, कंपनीबाग
स्कूलों के पास फीस लौटाने के लिए दस्तावेज और रिपोर्ट पहले से ही तैयार है। अब फैसले पर अमल करना चाहिए।
दीन दयाल तिवारी, मेधा संगठन
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कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के बाद फीस वापसी के लिए स्कूल प्रबंधकों से बात की जाएगी। सर्वेक्षण कराकर अभिभावकों को फीस लौटाई जाएगी। हालांकि, अभी ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
जगदीश शुक्ल, डीआईओएस