फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: महामहिम ने बच्चों से पूछे सवाल.. सही जवाब मिलने पर दी शाबासी

Tue, 05 Sep 2023 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
सल्टौआ क्षेत्र के लेदवा गांव प्राथमिक विद्यालय का किया निरीक्षण।सल्टौआ क्षेत्र के लेदवा गांव प्
विज्ञापन
बस्ती। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को आदर्श गांव लेदवा पहुंची। यहां उन्होंने सती माता अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। इसके बाद वह अमृत वाटिका, ऑगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय में बारी-बारी से पहुंची। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने गांव में एक साथ इतनी परियोजनाओं का मूूर्त रूप देख अधिकारियों की पीठ थपथपाई। कहा कि योजनाओं का मकसद तभी पूरा होता है जब यह प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचे।
विज्ञापन

प्राथमिक स्कूल के स्मार्ट क्लास के अवलोकन के बाद उन्होंने बच्चों से सवाल पूछे। बच्चों को सारस एवं नमन लिखने को कहा, जिसे सभी बच्चों द्वारा सही-सही लिखने पर उन्होंने शाबासी दी। कक्षा 3 की छात्रा प्रियांशी से राज्यपाल ने पंखुड़ी हिंदी किताब का एक पाठ पढ़वाया। उन्होंने कक्षा एक एवं दो के बच्चों से कविता सुनी। उन्होंने रसोई घर का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां बच्चों में खिलौने एवं मिठाई वितरित किया। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया।
-
महामहिम ने रोपित किए रुद्राक्ष के पौधे
महामहिम ने अमृत उद्यान में रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। अमृत सरोवर का निरीक्षण के दौरान उसमें मछलियों का बच्चा डाला। बाद में स्वास्थ्य, एनआरएलएम, कौशल विकास, बेसिक शिक्षा, बाल विकास, कृषि, आयुष विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों से योजनावार फीडबैक प्राप्त किया।
विज्ञापन



इन्हें किया लाभान्वित
महामहिम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत वीरमाता एवं प्रभावती को कार्ड, सकि्रय युवक एवं महिला मंगल दल की निधि गिरी एवं अंकिता चौधरी को किट देकर लाभान्वित किया। उज्ज्वला योजना में गुड़िया देवी, शांती देवी, तिलहन किट से मीरा पांडेय, राम उग्रह पांडेय, सोलर से राजमती, कृषि यंत्र से अनिल कुमार, विद्युत सखियों में गायत्री देवी, अनीता, लखपती दीदी में दुर्गावती, मीना, सीसीएल समूह में बबिता एवं प्रमिला, बीसी सखी में चांदनी, नीलम, आंगनबाड़ी में उमा त्रिपाठी, रानी सिंह, सुपोषण किट से वीर पांडेय, हर्षित गुप्ता और कौशल विकास योजना के तहत ब्यूटी किट से आंचल और नसरीन लाभान्वित की गई।
-
सांसद ने दिया धन्यवाद
लेदवा में राज्यपाल के उद्बोधन समाप्ति के बाद सांसद हरीश द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि महामहिम का आगमन जनपद के सुनहरा अवसर है। उनके मार्गदर्शन से लोगों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, विधायक अजय सिंह, मंडलायुक्त अखिलेश सिंह, आईजी आरके भारद्वाज, निवर्तमान डीएम प्रियंका निरंजन, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि दुष्यंत विक्रम सिंह, पूर्व विधायक रवि सोनकर, दयाराम चौधरी, आदि मौजूद रहे।

जीजीआईसी की बालिकाओं ने प्रस्तुत किया स्वागत नृत्य
कार्यक्रम का शुभारंभ महामहिम ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इसके बाद जीजीआईसी की बालिकाओं ने उनके स्वागत में सामूहिक नृत्य पेश किया। जिसे देख वह मंत्रमुग्ध हो गई। अपने उद्बोधन में उन्होंने बालिकाओं की प्रस्तुति की सराहना भी की।



मेडिकल कॉलेज पहुंची राज्यपाल
राज्यपाल एक निजी कैंसर हॉस्पिटल के शिलान्यास के बाद मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली पहुंची। यहां उन्होंने 20 क्षय रोगियों में पोषण पोटली वितरित किया। क्षय रोग को गोद लेने वाली संस्थाओं 13 स्वयंसेवी संस्थाओं को पुरस्कृत किया। आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच मरीजों के इलाज में आने वाले खर्च के भुगतान के लिए कार्ड सौंपा। वहीं आयुष्मान के तहत मरीजों के इलाज अहम भूमिका निभाने वाले नवयुग मेडिकल सेंटर समेत 10 निजी चिकित्सालयों के प्रबंधन को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा पीएचसी कुदरहा के अधीक्षक डॉ. फैज वारिश, सीएचसी कप्तानगंज के डॉ. आरके वर्मा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर दसिया के डॉ. आनंद मिश्र, कोमल तिवारी एवं जिला क्वालिटी परामर्शदाता डॉ. अजय कुमार भी राज्यपाल के हाथों सम्मानित हुए। उन्होंने जिले के आठ फार्मेसी कॉलेजों के प्राचार्यों एवं रेडक्रास सोसाइटी के प्रतिनिधियों से संवाद भी किया। उनकी समस्याएं सुनीं। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज के लिए हर संभव सुविधा मुहैया कराई जाए।
-
शासकीय धन को खर्च न किए जाने पर राज्यपाल नाराज
अधिकारियों की कलक्ट्रेट में बैठक लेने पहुंची राज्यपाल का तेवर खासा सख्त रहा। जब उन्होंने योजनावार मिले धन की समीक्षा शुरू की तो पाया कि करीब 100 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हो सके हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को हिदायत दी कि वह शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में तत्परता बरतें, जिससे आम जन को इसका लाभ मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें