- शिव हर्ष किसान पीजी कॉलेज में हिंदी पर व्याख्यान माला का आयोजन
- दुनिया के 12 विश्वविद्यालय में हिंदी का हो रहा पठन पाठन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शिव हर्ष किसान पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग की ओर से सोमवार को वैश्विक परिदृश्य में हिंदी भाषा की दशा और दिशा विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ। अतिथि वक्ता कर्मा देवी स्मृति महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार मिश्र ने कहा कि हिन्दी जानने वालों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। यह लिंक भाषा है और लोगों के बीच भावात्मक संबंध स्थापित करती है।महाविद्यालय के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. रघुवंश मणि त्रिपाठी ने कहा कि भारत के बाहर हिंदी नेपाल, दक्षिण अफ़्रीका, मॉरीशस, येमन, अमेरिका, इंग्लैंड, युगांडा, जर्मनी, न्यू ज़ीलैंड, सिंगापुर, खाड़ी के देशों, कनाडा आदि तमाम देशों में प्रयोग की जाती है। दुनिया के 12 विश्वविद्यालयों में हिंदी में पठन-पाठन की व्यवस्था है। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. बलराम गुप्ता ने आदिवासी और गिरमिटिया मजदूरों के भाषा और साहित्य पर चर्चा किया।
कॉलेज के हिंदी विभाग के परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्र जगदीप सिंह ने दिनकर और निराला की कविताओं को उद्धृत करते हुए वैश्विक स्तर से पहले स्वयं के स्तर पर हिंदी अपनाने की बात कही। परास्नातक हिंदी द्वितीय वर्ष की छात्रा क्षमा शुक्ला ने हिंदी की संस्कृति और संस्कार पर चर्चा किया।
प्राचार्य प्रो. रीना पाठक ने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए कि अब हिंदी अंतरराष्ट्रीय स्तर की भाषा बन चुकी है। हिंदी विभाग के सहायक आचार्य सिद्धार्थ कुमार ने अतिथि वक्ताओं को परिचय कराया।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य अभिषेक कुमार मिश्र ने किया। समापन पर विद्यार्थियों व शोधार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किया गया। मौके पर प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. गोपाल जी कुशवाहा, प्रो. सुस्मिता श्रीवास्तव, विश्वनाथ पांडेय, डॉ. विजय कुमार शुक्ल, डॉ. रंजन कुमार बसाक, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. रोहित सिंह, डॉ. शिवेंद्र मोहन पांडेय, डॉ. त्रिलोकी नाथ आदि मौजूद रहे।