बस्ती। अगर आप फोरलेन पर सफर कर रहे हैं तो जरा ध्यान से चलें, क्योंकि जरा भी चूके तो हादसे का शिकार हो सकते हैं। जिले ही सीमा में फोरलेन पर 43 अवैध कट बनाए गए हैं। 25 ब्लैक स्पॉट भी चिह्नित किए गए हैं, जो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कोहरे का सीजन शुरू होने के साथ हादसों का खतरा और भी बढ़ गया है। 30 नवंबर को खत्म हुए यातायात माह में ही जिले में 58 सड़क हादसों में 21 लोगों की जान चली गई और 41 घायल हो गए। कोहरे के सीजन में ब्लैक स्पॉट पर हादसों का खतरा ज्यादा रहता है। जिले में 25 ब्लैक स्पॉट हैं,जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हर माह ब्लैक स्पॉट पर सुधार की चर्चा होती है। दो माह पूर्व हुई बैठक में डीएम ने ब्लैक स्पॉट पर नाइट विजन कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे। मगर कैमरे नहीं लगे।
इस बार उम्मीद से पहले कोहरे और धुंध ने रात के सफर को जोखिम भरा बना दिया है। एक हफ्ते से आधी रात के बाद फोरलेन पर कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में रात और सुबह के वक्त फर्राटा भरना खतरे से खाली नहीं रहा। दृश्यता भी कम होने लगी है। इस वजह से रात व सुबह के वक्त होने वाले हादसों की तादात बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों में कम दृष्यता के चलते छोटे-बड़े पांच हादसे हो चुके हैं।
रविवार को परशुरामपुर थाने के बंजरिया गोसाई गांव के पास बाइक में टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन के चालक पर केस दर्ज किया है। इस घटना में बाइक सवार दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। इससे पहले बुधवार को तड़के फोरलेन पर मुंडेरवा थाना क्षेत्र के खजौला मोड़ पर दो पिकअप में आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में पांच लोग घायल हो गए। मंगलवार को तड़के 3:15 बजे हर्रैया थाने के संसारीपुर के पास आगे चल रहे ट्रेलर में पीछे से पहुंची डबल डेकर बस जा टकराई थी। इस हादसे में नेपाल की रहने वाली महिला की मौत हो गई थी। बस में सवार पांच यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। छावनी थानाक्षेत्र में मंगलवार को ही साइकिल सवार को अज्ञात वाहन ने चपेट में ले लिया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इन 25 ब्लैक स्पॉट पर सबसे ज्यादा जोखिम
- हाईवे पर परसा हज्जाम, परसा जाफर चौराहा, गोटवा, कप्तानगंज चौराहा, भदावल, महूघाट, बबुरहवा चौराहा, रामजानकी तिराहा, पचवस चौराहा, विक्रमजोत, पटखापुर चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा के अलावा सबदेईया कला, चैनपुरवा ओवरब्रिज के पूर्वी छोर, पटेल चौराहा, संसारीपुर चौराहा, बडहर तिराहा, मझौआ चौराहा, अमहट पुल, हडिया ओवरब्रिज, बड़ेवन फ्लाईओवर पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
हाईवे पर संकेतक की व्यवस्था नहीं
- नेशनल हाईवे पर न तो संकेतक लगे हैं, और न ही कहीं पर ओवर स्पीड को रोकने की व्यवस्था है। अंधे मोड़ पर रफ्तार से गाड़ियां दौड़ रहीं हैं और अचानक आने वाले अवरोधों से बचने में हादसे हो जा रहे हैं। इसके साथ ही अगर कहीं सरकारी निर्माण हो रहा है तो उसकी गिट्टी-मिट्टी भी सड़कों पर ही है।
यहां टूटी है डिवाइडर की रेलिंग
जिले की सीमा में विक्रमजोत से घघौवा से संतकबीरनगर के कांटे तक तीन दर्जन से ज्यादा बड़े ढाबे हैं, जहां पार्किंग नहीं होने से भारी वाहन फोरलेन पर ही खड़े रहते हैं। करीब डेढ़ दर्जन पेट्रोल पंप हैं। इनके सामने डिवाइडर काटकर रास्ता बना लिया गया है। अवैध कट से निकलते वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी भी हाईवे पर बनी रहती है।
सुरक्षित रहने के लिए बरतें सावधानी
रात में राह चलते समय सावधानी बरतें, सामने और पीछे से आ रहे वाहनों से निश्चित दूरी बनाए रखें। सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर पार करें। सड़क पर ब्रेकर आने पर सावधानी बरतें। दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में वाहन की रफ्तार कम कर लें। सड़क किनारे खड़े होकर वाहन का इंतजार करने पर पर्याप्त दूरी बनाए रखें। वाहनों पर लाइट रिफलेक्टर लगवाएं। रात में वाहन चलाते समय अपर-डिपर का प्रयोग करें। अचानक ब्रेक लेने से बचें। निर्माणाधीन सड़कों पर वाहन चलाते समय सचेत रहें। कोहरे में सड़क किनारे सफेद पट्टी देखकर चलें। इंडीकेटर ऑन रखते हुए हॉर्न का प्रयोग करते रहें। वाहन में फॉग लाइट लगवाएं। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट बांधें। बाइक चलाते समय हेलमेट पहनें। ज्यादा जरूरी न हो तो रात में वाहन चलाने से परहेज करें।