बस्ती। महुआ डाबर जनविद्रोह दिवस पर वीरों को मनोरमा नदी के तट पर याद किया गया। 166 साल पहले हुए इस विद्रोह पर मुख्य वक्ता चंबल संग्रहालय के संस्थापक डॉ. शाह आलम राना ने योद्धाओं ने अंग्रेजों से लोहा लेते हुए उन्हें खदेड़ दिया था। 10 जून 1857 को क्रांतिवीरों ने अंग्रेज सैन्य अधिकारियों पर हमला बोल दिया। इसमें छह सैन्य अधिकारी मारे गए। मौके पर असलम खां, मतीउल हक, रामकेश, आदिल खान, नासिर आदि मौजूद रहे। संवाद