तीन बार जनपद न्यायाधीश न्यायालय में टल चुकी है सुनवाई
महिला अधिकारी के घर में घुसकर दुष्कर्म की कोशिश, हत्या के प्रयास का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होगी। इससे पहले कंडोलेंस के कारण दो बार सुनवाई टल चुकी है। महिला अधिकारी से दुष्कर्म की कोशिश, हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर नायब तहसीलदार को 27 नवंबर को जेल भेजा था। सीजेएम न्यायालय से 28 नवंबर को जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।
इससे पहले तीन बार जिला एवं सत्र न्यायालय में अर्जी पर सुनवाई टल चुकी है। सबसे पहले 28 नवंबर को सीजेएम न्यायालय में जमानत की अर्जी दी गई थी, जिसे न्यायालय ने उसी दिन खारिज कर दिया था। पांच दिसंबर को जिला एवं सत्र न्यायालय में अर्जी दी गई। जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत से आग्रह किया था कि आरोपी घनश्याम पर गंभीर अपराध करने का आरोप हैं। उसकी केस डायरी, मेडिकल रिपोर्ट आदि समस्त प्रपत्र तलब किया जाए, ताकि विवेचक की तफ्तीश और केस से जुड़े अन्य पहलुओं को गौर करते हुए जमानत पर निर्णय लिया जाए।
इसमें सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की गई। उस दिन विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट तलब करने के प्रार्थनापत्र के बाद 12 दिसंबर को सुनवाई होनी थी। उस दिन कंडोलेंस की वजह से सुनवाई 14 दिसंबर तक टाल दी गई। 14 दिसंबर को फिर कंडोलेंस होने के कारण तीसरी बार सुनवाई टली।
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यह है मामला
16 नवंबर को तहसील में तैनात एक महिला राजस्व अधिकारी ने तहरीर देकर तत्कालीन नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल पर 11-12 नवंबर की रात सरकारी आवास में जबरदस्ती घुसकर दुष्कर्म की कोशिश, गला दबाकर हत्या का प्रयास, मारपीट, अपशब्द कहने का आरोप लगाया था। उसी दिन डीएम स्तर से विशाखा कमेटी की सिफारिशों के क्रम में तीन महिला अधिकारियों की जांच कमेटी गठित की गई थी। 17 नवंबर को पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के हिसाब से केस दर्ज किया। 21 नवंबर को राजस्व परिषद ने आरोपी घनश्याम शुक्ल को निलंबित कर कानपुर कमिश्नर कार्यालय से संबद्ध कर दिया था।
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पुलिस मान रही आरोपी, प्रशासन दे चुका है क्लीन चिट
नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला पर लगे आरोपों के संबंध में पुलिस की तफ्तीश और प्रशासन की जांच में अलग-अलग पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश में आरोपी निलंबित नायब तहसीलदार पर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। जबकि प्रशासन की तरफ से कराए गए विशाखा कमेटी की जांच में आरोपी महिला अधिकारी के आवास में हालचाल लेने पहुंचे थे।