व्यवसायी पुत्र के अपहरण का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के व्यवसायी पुत्र के अपहरण केस में फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क करने के मामले की बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट मे सुनवाई की गई। इसमें एक बार फिर पुलिस ने लखनऊ निबंधन कार्यालय से आख्या उपलब्ध न हो पाने की दलील देते हुए मोहलत मांगी, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 15 दिन की मोहलत दे दी। अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की कोर्ट में कोतवाली पुलिस की तरफ से रिपोर्ट पेश की गई है कि निबंधन कार्यालय लखनऊ और नगर निगम गोरखपुर से अभी आख्या प्राप्त नहीं है। इसलिए कुछ और मोहलत दी जाए। गैंगस्टर अधिनियम व अपहरण आदि धाराओं में नामजद अमरमणि त्रिपाठी की लखनऊ के विपुल खंड गोमतीनगर में दो संपत्तियाें के बारे में उप जिलाधिकारी सदर गोमतीनगर से 24 जून और 18 जुलाई को पत्राचार किया गया था।
इसका अभी प्रति उत्तर नहीं मिला है। इसी तरह, गोरखपुर विकास प्राधिकरण से भी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। ऐसे में दोनों जानकारी उपलब्ध होने पर शीघ्र ही उस संपत्ति की कुर्की कर ली जाएगी। पुलिस की इस रिपोर्ट को संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने 21 सितंबर तक कुर्की कुलिंदा प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।