प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को दिए गए थे संपत्तियों को कुर्क कराने के निर्देश
व्यापारी के बेटे के अपहरण केस में नामजद है पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। व्यापारी के बेटे के अपहरण केस में नामजद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क कराने के मामले में बुधवार को सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को निर्देशित किया था कि वे संपत्तियों को कुर्क कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराकर रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि ने सुनवाई के दौरान कहा था कि अमरमणि के विरूद्ध 16 अक्तूबर को एनबीडब्लू जारी किया गया था। एक नवंबर को कुर्की का नोटिस और दो दिसंबर को कुर्की की कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था। स्थानीय पुलिस अभियुक्त के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। यद्यपि कुर्की की कार्रवाई के लिए बराबर समय की मांग करती रही।
ऐसे में प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी कुर्की की कार्रवाई कराएं। वहीं, पुलिस की तरफ से न्यायालय में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में कुर्की के लिए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ व जिला मजिस्ट्रेट लखनऊ को एक मजिस्ट्रेट व एक रिसीवर एवं स्थानीय पुलिस कर्मी के लिए पत्राचार करने की बात कही गई थी। इसके आधार पर कुछ और मोहलत मांगी गई थी।
बता दें कि छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में अमरमणि समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह तत्कालीन मंत्री अमरमणि का था।