फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: प्रदूषण के लिए न तो लैब, न मापन यंत्र

Thu, 16 Mar 2023 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
सदर क्षेत्र के पैडा से भादी जाने वाले सड़क पर उड़ता धूल।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बस्ती। जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड स्थापित है, लेकिन यहां न तो प्रदूषण जांच की व्यवस्था है, और न तो कहीं भी मापन यंत्र हैं। ऐसे में बोर्ड केवल प्रदूूषण लाइसेंस जारी करता है। दूसरी ओर शहर सहित जिले की विभिन्न सड़कों से धूल उड़ रही है, जो लोगों को सांस का बीमार बना रही है।
शहर के मालवीय रोड हो या फिर स्टेशन रोड, सदर क्षेत्र की सड़कें हो या ग्रामीण इलाका। सभी स्थानों पर बाइक, चार पहिया वाहनों का जमावड़ा दिन भर लगा रहता है। जिले में प्रदूषण का स्तर विभागीय आंकड़ों में सामान्य है। यह अलग बात है कि विभाग के अधिकारी स्वीकार करते हैं कि अब तक यहां प्रदूषण की कोई जांच वर्षों से नहीं हुई है।
विज्ञापन

उनका कहना है कि उद्यम या भट्ठा लगाने वालों को प्रदूषण का प्रमाणपत्र लेना होता है, तो वह अपनी चिमनियों की प्रदूषण जांच फैजाबाद या लखनऊ की निजी इकाइयों से कराकर देते हैं। चूंकि यह इकाइयां विभाग में पंजीकृत होती हैं, ऐसे में इनकी ओर से जारी प्रदूषण प्रमाणपत्र बोर्ड मानता है। उसी आधार पर इन्हें काम करने का लाइसेंस जारी किया जाता है।
-
जिले के प्रदूषण का तो पता नहीं है, मगर यहां हर रोज सांस के मरीज बढ़ रहे हैं। सौ मरीजों में हर दिन 10 से 15 मरीज सांस की बीमारी वाले होते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को मुंह ढक कर ही सड़क पर निकलना चाहिए। क्योंकि सड़क पर धूल व बाइक-कार तथा अन्य वाहनों से निकलने वाला धुआं उड़ता है, जिसके कण सांस की नलियों में चले जाते हैं और वह श्वांस रोग का कारण बनते हैं।
विज्ञापन

-डॉ. रामजी सोनी, फिजीशियन, जिला अस्पताल

जिले में अब तक कहीं कोई प्रदूषण की जांच बोर्ड ने नहीं की है। क्योंकि यहां लैब नहीं है। न ही कहीं कोई मापक यंत्र लगाया गया है। यहां प्रदूषण सामान्य है। कई अन्य कारणों से भी लोग श्वांस की बीमारी का शिकार हो जाते हैं। यहां कितना प्रदूषण है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं हो सकी है।

-चंद्रेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें