बस्ती। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पर पहुंचे तो फाइलेरिया की दवा जरूर खाएं। इस रोग की रोकथाम के लिए 10 से 26 अगस्त तक अभियान चलाया जाएगा। फाइलेरिया का कोई इलाज नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने शासन के निर्देश पर अभियान चलाकर लोगों को दवा खिलाने का अभियान चलाया है।
इसके अलावा जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी दवा उपलब्ध रहेगी, जहां कोई भी जाकर दवा खा सकता है। दवा निशुल्क खिलाई जाएगी। यह अपील डीएम प्रियंका निरंजन ने की है। डीएम की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया कि 10 अगस्त को टीम 11 बजे से घर-घर जाएगी तथा अपने सामने दवा खिलाएगी। खाली पेट दवा नहीं खाना है। परिवार के बचे सदस्यों के लिए दवा का वितरण नहीं किया जाएगा। जो सदस्य दवा खाने से वंचित रहेंगे उन्हें दोबारा भ्रमण करके दवा की खुुराक खिलाई जाएगी। अभियान में छूटे हुए लोग स्वास्थ्य केेंद्र पर जाकर दवा खा सकेंगें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक टीम को परिवार पंजिका उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे घर-घर होने वाला सर्वे का कार्य एवं लिंपोडीमा एवं हाइड्रोसील के रोगियों की लाइन की सूची तैयार की जा सके। प्रत्येक ग्राम प्रधान इस कार्यक्रम का उद्घाटन सभी के सामने स्वयं दवा खाकर करेंगे।
क्या है फाइलेरिया
फाइलेरिया एक परजीवी जन्य संक्रामक बीमारी है, जो धागे जैसे कृमियों से होती है। फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। संक्रमित मच्छर के काटने के 10-15 वर्षों के पश्चात यह हाथ, पैर, स्तन या अंडकोश में सूजन (हाइड्रोसील) पेशाब में सफेद रंग के द्रव का स्राव (काइल्यूरिया) लंबे समय से सूखी खांसी आना (ट्रोपिकल स्नोफीलिया) आदि के रूप में दिखाई देता है। फाइलेरिया रोग (हाथीपांव) एक लाइलाज बीमारी है।
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कैसे होगा दवा का प्रयोग
डीएम ने बताया कि 2 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को डीईसी तथा एल्वेंडाजाल की एक-एक टेबलेट खिलाई जाएगी। 05 से 15 वर्ष आयु के लोगों को डीईसी की 2 तथा एल्वेंडाजाल की 1 टेबलेट खिलाई जाएगी। 15 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को डीईसी की 3 तथा एंल्वेंडाजाल की 1 टेबलेट खिलाई जाएगी।
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इन्हें नहीं खाना है दवा
01 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों एवं गर्भवती माताओं को यह दवा नहीं खिलाई जाएगी।