बस्ती। नगर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की लखनऊ में कोरोना से मौत होने के बाद शनिवार को बहादुरपुर पीएचसी से चिकित्सकीय टीम गांव में पहुंची। यहां परिवार के नौ लोगों को क्वारंटीन कर दिया। इसके बाद इन सभी के नमूने लिए। टीम ने गांव में मृतका के घर के आसपास के लाेगों का भी नमूना लिया है। घटना के बाद से गांव के लोग दहशत में हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवन कुमार वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य टीम के डॉ. शिवा श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव आदि लोगों ने गांव का दौरा किया और मृतका के घर व आसपास के लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। स्वास्थ्य टीम मृतका के घर के नौ लोगों को क्वारंटीन कर दिया है। एहतियातन उन्हें लोगों के दूर रखा गया है। गांव वालों में कोरोना को लेकर भय व्याप्त है। लोग एक दूसरे से दूर ही रह रहे हैं।
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सार्वजनिक स्थलों पर नहीं लिया जा रहा नमूना
शहरी क्षेत्र के रेलवे स्टेशन, रोडवेज व कचहरी के निकट छह माह पहले तक बाहर से आने जाने वालों का नमूना लिया जाता था, मगर अब इन स्थलों पर नमूना लेने का कार्य पूरी तरह बंद है।
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बोले सीएमओ
कोरोना का अब कोई खतरा नहीं है। ऐसे में फरवरी से ही नमूना लेने का कार्य बंद करा दिया गया है। चिकित्सक अथवा स्वयं जांच कराने वाले सीधे मेडिकल कॉलेज में नमूना जांच करा सकते हैं। यदि जिले में कहीं भी कोरोना पॉजिटिव की जानकारी होती है तो टीम लगाकर वहां नमूना लिया जाता है। जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उन्हें 15 दिन क्वारंटीन रखकर फिर से जांच कराई जाती है। यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उन्हें कहीं भी आने जाने की अनुमति चिकित्सीय टीम दे देती है। जिस गांव में कोरोना से मौत हुई है। वहां बहादुरपुर की चिकित्सकीय टीम भेजकर परिवार के लोगों का नमूना लिया गया है। सभी की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने तक सभी को क्वारंटीन कर दिया गया है। चिकित्सीय टीम उनकी निगरानी करेगी।
-डॉ. आरपी मिश्र, सीएमओ
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2019 से अब तक 341 की कोरोना से हो चुकी है मौत
जिले में कोरोना का कहर 2019 में शुरू हुआ था। इस दौरान छिटपुट ही मौत हुई, मगर भय व्याप्त था। दूसरी लहर में मौतों का सिलसिला शुरू हुआ और तब से लेकर 15 सितंबर 2022 तक कुल 340 मौत हुई थी। उसके बाद 9 अगस्त को एक मौत हुई है। अब तक कोरोना से कुल 341 मौत हो चुकी है।
चिकित्सालय में कोरोना की सार्वजनिक जांच नहीं हो रही है, मगर किसी को भी जांच कराने की जरूरत हो तो वह सीधे लैब में आकर नमूना देकर जांच करा सकता है।
-डॉ. मनोज कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज