कुदरहा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच पड़ताल करती जिले की टीम।
महिला और परिजनों को वार्ड में बंद करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुदरहा। कुदरहा पीएचसी के प्रसव केंद्र पर पिछले दिनों प्रसूता, स्टाॅफ नर्स, नवजात समेत परिजनों में वार्ड में बंद करने के मामले में रविवार को मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने पहुंची। तीन सदस्यीय टीम ने हर पहलुओं की गहनता से जांच की।
24 सितंबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरहा में स्टाॅफ नर्स ने वार्ड में एक महिला का प्रसव करा दिया था। बाद में एएनएम ने वार्ड में ताला लगा दिया। इससे घंटों विवाद की स्थिति बनी रही। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया था। मगर, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. फैज वारिस ने जांच के लिए एक टीम गठित की।
टीम में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी चौधरी के नेतृत्व में महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजनी और एचएस रामप्रकाश मौके पर पहुंचकर एएनएम विनोद सिंह, स्टाॅफ नर्स मंजू और दाई कुंता देवी से अलग-अलग बयान लिए। इस बिंदु पर भी जांच की गई कि महिला का प्रसव लेबर रूम के बजाय वार्ड में क्यों कराया गया। जबकि उस समय लेबर रूम में एक बेड खाली बताया जा रहा है। देर शाम जांच टीम ने रिपोर्ट अधीक्षक डॉ. फैज वारिश को सौंप दी है।