नगर बाजार (बस्ती)। नगर पंचायत के मदरसा परिसर में सोमवार को मौलाना जकी ने हजरत उमर के इंसाफ और उनकी जीवन गाथा को प्रस्तुत किया। कहा कि हजरत उमर का जीवन निष्पक्षता और सत्य के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने एक घटना का उल्लेख किया, जिसमें हजरत उमर ने अपने बेटे को भी गलती पर सजा दी थी। मौलाना ने कहा कि हजरत उमर का इंसाफ इतना पारदर्शी था कि वह न तो अमीर को बख्शते थे और न ही गरीब को दबने देते थे। मौलाना ने हजरत उमर के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और निष्पक्षता को अपनाने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम अगले सात दिनों तक जारी रहेगा। विद्वान इस्लामिक इतिहास और नैतिकता पर अपने विचार साझा करेंगे। संवाद