सांवडीह जंगल में पेड़ से लटका मिला था युवक का शव
गौर क्षेत्र के हलुआ बाजार का रहने वाला था मृतक श्रवण उर्फ मूसे
संवाद न्यूज एजेंसी
बभनान, बस्ती। गौर थाना क्षेत्र के सांवडीह निवासी श्रवण को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में नामजद दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि दोनों ने ऐसी परिस्थिति पैदा की कि श्रवण ने फंदे से लटककर जान दे दी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस वजह से यह घटना हुई। लोगों में प्रेम-प्रसंग की भी चर्चा है, लेकिन पुलिस अभी स्पष्ट तौर पर कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।
बता दें कि शुक्रवार को गौर थाना क्षेत्र के हलुआ बाजार निवासी 22 वर्षीय श्रवण उर्फ मूसे का शव घर से एक किलोमीटर दूर सांवडीह जंगल में एक पेड़ में फंदे से लटका मिला था। पोस्टमार्टम में हैंगिंग और अल्कोहल पाए जाने के बाद शनिवार को परिवार के लोगों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शव रखकर हलुआ मार्ग जाम कर दिया था। वे लोग पुलिस पर पोस्टमार्टम में छेड़छाड़, मूतक की मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने सहित अन्य मांग करने लगे। देर शाम परिजनों ने सीओ हर्रैया शेषमणि उपाध्याय व एसडीएम हर्रैया गुलाबचंद को मांग पत्र सौंपने के बाद निष्पक्ष जांच कराने के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म करके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक की मां महात्मा देवी की तहरीर पर पुलिस ने हलुआ बाजार नितिश मुखर्जी व राम अभिलाष के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने, मारपीट व घमकी के आरोप में केस दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक राज कुमार पाण्डेय ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को हलुआ बाजार आईटीआई मोड़ के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
भारी पड़ा मामले को हल्के में लेना
श्रवण उर्फ मूसे की मौत के मामले में पुलिस की निष्क्रियता को भी कारण माना जा रहा है। लोगों ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात 10 बजे हलुआ बाजार में स्थित एक बिरयानी की दुकान पर श्रवण उर्फ मूसे व नीतेश मुखर्जी के बीच श्रवण के बड़े भाई गणेश वर्मा के कोर्ट मैरिज की बात को लेकर बहस शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि मारपीट व चाकूबाजी भी हुई थी। इसकी जानकारी परिवार वालों को हुई तो वह लोग श्रवण को घर लेकर गए। इस बीच सूचना पर 112 नंबर पुलिस भी पहुंची लेकिन बिना गंभीरता से लिए लौट गई। लोगों का कहना है कि यदि 112 डायल पुलिस दोनों पक्षों को साथ ले गई होती तो घटना बच जाती।