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Basti News: अनफिट स्लीपर बस की जांच होती तो बच गया होता हादसा

Fri, 12 Jul 2024 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर ,बस्ती होते हुए गुजरी थी दिल्ली जा रही बस
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फोरलेन से प्रतिदिन गुजर रहीं 100 से अधिक अवैध स्लीपर बसें
हादसे के बाद मची परिवहन विभाग में खलबली, सत्यापन की कवायद शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आगरा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को 18 मुसाफिरों को मौत के मुंह में ढकेलने वाली स्लीपर बस गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन से होकर गुजरी थी। बिहार के मोतिहारी से दिल्ली के बीच चलने वाली उस बस की फिटनेस एक जनवरी 2021 को खत्म हो चुकी है। टैक्स भी 30 नवंबर 2023 तक जमा था। इंश्योरेंस इसी साल दो फरवरी व परमिट भी खत्म हो गया है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब बस की फिटनेस, परमिट आदि नहीं था तो चेकिंग अधिकारियों ने बस पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
इतना ही नहीं, उसके जैसी 100 से अधिक बसें गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन से रोज गुजरती हैं। आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। मगर, उनकी जांच, रोक-टोक करने वाला कोई नहीं है। कहने के लिए परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें लगातार जांच कर रही हैं। मगर, कार्रवाई के नाम पर आंकड़ा शून्य है। आगरा एक्सप्रेस-वे पर हादसा होने के बाद परिवहन विभाग में खलबली मची है। एआरटीओ प्रवर्तन पंकज सिंह बताते हैं कि जिले के स्लीपर बसों के मालिकों को नोटिस दिया जा रहा है। बसों के भौतिक सत्यापन के बाद ही रोड पर चलने दिया जाएगा।
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दो दिन पहले ही लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर हर्रैया क्षेत्र में 100 यात्रियों को बैठाकर गुरुग्राम जा रही स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर पलट गई थी। 15 जून को परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने मड़वानगर टोल प्लाजा के पास दिल्ली से बिहार जा रही एक स्लीपर बस की जांच के दौरान पाया गया था कि बस का पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद बस में 40 सवारियों को बैठाकर दिल्ली से सिवान ले जाया जा रहा था।
सीतामढ़ी बिहार से 100 यात्रियों को लेकर जयपुर (राजस्थान) जा रही एक अन्य डबल डेकर बस का चौकड़ी टोल प्लाजा के पहले डुहवा मिश्र गांव पहुंचने पर अगला टायर फट गया था। अनियंत्रित होकर बस एक कंप्यूटर की गुमटी तोड़ते हुए इंडियन बैंक की शाखा की चहारदीवारी से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। शायद ही कोई सप्ताह गुजरता है जब ऐसी बसों से हादसा न होता हो। मगर, पुलिस व परिवहन विभाग की मिलीभगत से मुसाफिरों की जान से खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है।
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पंजीकृत 68 बस मालिकों को नोटिस
एआरटीओ पंकज सिंह ने बताया कि जिले में पंजीकृत 68 स्लीपर बसों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। रजिस्टर्ड डाक से बस मालिकों को जानकारी दी जा रही है कि वह तत्काल अपनी बसें आईटीआई परिसर स्थित संभागीय प्राविधिक निरीक्षक कार्यालय में भेज दें ताकि आरआई संजय दास की टीम से उनकी दशा व कागजात का परीक्षण करवाया जा सके। इसके बाद अगर जांच में किसी बस में कमी पाई जाएगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इस तरह होगा बसों का परीक्षण
संभागीय परिवहन कार्यालय के डाटा बेस ऑपरेटर के अनुसार बसों का विधिवत परीक्षण कराया जाएगा। फिटनेस के अलावा इंश्योरेंश, एचएसआरपी व टैक्स बकाया समेत अन्य बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि कहीं कागज में बस नॉन एसी है और बाद में उसमें एसी तो नहीं लगवा दिए गए। इसके अलावा बस पर पंजीकृत सीटों के सापेक्ष अधिक सीटें तो नहीं लगाई गई हैं।
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