बस्ती। स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर शासन ने सख्ती बढ़ा दी है। उनके शारीरिक, मानसिक शोषण, यौन उत्पीड़न संबंधी घटनाओं को रोकने के लिए नए शैक्षिक सत्र में सभी स्कूलों के लिए एक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश दिया है कि स्कूली बसों में जीपीएस के साथ ही ड्राइवर व सहयोगी का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। बस में चाइल्ड हेल्पलाइन, वूमेन हेल्पलाइन नंबर तथा पुलिस स्टेशन का नंबर लिखा हो। प्रत्येक बस में दो शिक्षक की व्यवस्था की जाए जो बच्चों के साथ स्कूल में बस से साथ रहें। शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों का व्यवहार संतुलित रखने का निर्देश दिया है। बच्चों में परस्पर समन्वय व जागरूकता के लिए अभियान चलाने के निर्देश हैं।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2015 में एक विस्तृत गाइडलाइंस जारी किया गया था। उसे सख्ती से लागू करने के लिए निर्देशित किया गया है।
जिले में 2207 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें 1432 प्राथमिक एवं 338 उच्च प्राथमिक और 301 कंपोजिट विद्यालय और 13 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में हैं। गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही निजी स्कूलों में भी व्यवस्था की निगरानी होगी। प्रत्येक विद्यालय प्रबंधतंत्र व प्रधानाचार्यों को जिम्मेदारी दी है कि बच्चों के साथ किसी तरह अभद्रता न हो।स्कूलों में छात्रहित को ध्यान में रखकर व्यवस्था बनाई जाए। किसी प्रकार को कोई भी शिकायत पाई जाती है तो सीधे प्रबंधक जिम्मेदार होंगे। बीएसए डाॅ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि विभाग से निर्देश मिले हैं। इसके अनुपालन के लिए कठोर कदम उठाया जाएगा।