स्वामित्व हस्तांतरण पर पीडब्ल्यूडी को झटका, अधर में लटका सड़कों का जीर्णोद्धार
शहर की पांचों सड़क का सर्वे कर पीडब्ल्यूडी ने भेजा था 13.90 करोड़ रुपये का आगणन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर की पांच महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को लेकर नगर पालिका व पीडब्ल्यूडी की सारी मशक्कत बेकार हो गई। स्वामित्व हस्तांतरण व तैयार एस्टीमेट की फाइल शासन ने वापस कर दी है। इससे इन सड़काें के निर्माण को झटका लगा है। इसमें मंत्री की ओर से हस्तांतरण पर ही सवाल उठा दिए गए हैं। ऐसे में शहर के इन महत्वपूर्ण सड़कों का जीर्णोद्धार अधर में लटक गया है।
करीब साल भर पहले शहर की पांच सड़कों को पालिका ने पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव किया था। इसके हस्तांतरण की प्रक्रिया शासन स्तर से होनी है। यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। जिन सड़कों को हस्तांतरित किया जाना है, उनकी सर्वे में कुल लंबाई 12.350 किमी है। इस पर करीब 13.90 करोड़ रुपये खर्च का आगणन शासन को भेजा गया था। नगर पालिका की जर्जर हो चुकीं सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश तत्कालीन डीएम प्रियंका निरंजन ने दिए थे।
नगर पालिका ने जब इन सड़कों का सर्वे कराया तो करीब 20 करोड़ रुपये का खर्च का अनुमान लगा। इतना धन पालिका के पास नहीं था। ऐसे में प्रशासन ने शहर के नौ मुख्य मार्गों को पीडब्ल्यूडी के हवाले करने का प्रस्ताव पालिका के सामने रखा। इसके बाद पालिका की सहमति से इसे पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शासन की मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव काे भेजा गया। मगर, शासन में यह फाइल लटक गई। तमाम प्रयास के बाद जुलाई 2023 में भेजी गई सूची में से पांच प्रमुख सड़कों का सर्वे कराकर उसे व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने इसका सर्वे कराया। मगर, अब तक इस मामले में फाइल शासन में ही अटकी है।
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यह सड़कें होनी हैं हस्तांतरित
-आचार्य रामचंद्र शुक्ल तिराहा से डीएम आवास से भुअर जेल रोड होते हुए कंपनी बाग चौराहे तक दो किमी।
- बस्ती-कांटे मार्ग के रोडवेज तिराहे से दक्षिण दरवाजा होते हुए रेलवे स्टेशन से शुगर मिल मार्ग तक।
-बड़ेवन-कंपनीबाग मार्ग से सुभाष चौक से बस्ती-कांटे मार्ग नेहरू तिराहे तक मालवीय रोड।
- बस्ती-कांटे मार्ग अस्पताल चौराहा से दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार, करुआ बाबा तिराहा, पांडेय बाजार चौराहा होते हुए बांसी मार्ग पर नगर पालिका सीमा तक।
- पुलिस लाइंस से डाकबंगला होते हुए कबीर तिराहा तक एक किमी।
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कोट
शासन को सड़क निर्माण के लिए सर्वे कराकर आगणन भेजा गया था। कुछ आपत्तियां लगाकर फाइल वापस आ गई है। अब चुनाव बाद आपत्तियों का निस्तारण कर फाइल फिर से भेजी जाएगी।
-अवधेश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड