बस्ती। हापुड़ घटना व ग्राम न्यायालय के विरोध में अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय के गेट नंबर दो पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार वाजिब मांगों को लेकर सकारात्मक रुख अख्तिया नहीं कर रही है। तहसीलों में ग्राम न्यायालय शिफ्ट हाेने से वादकारियों का हित प्रभावित होगा। न्यायालयों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि हापुड़ की घटना में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की जा रही है। लेकिन सरकार अधिवक्ताओं की एक भी मांग पर विचार नहीं करना चाह रही है। जब तक अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे और घटना में घायलों को मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता भारत भूषण वर्मा ने कहा कि आए दिन विधि विशेषज्ञाें पर बर्बरता हो रही है। उत्तर प्रदेश में कुछ समय से अधिवक्ताओं पर तमाम हमले हुए हैं। इसके बावजूद सरकार कुछ सुनने को तैयार नहीं है। लंबे समय से अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री शिवपूजन मिश्र ने कहा कि ग्राम न्यायालय हर्रैया, भानपुर व रुधौली तहसीलों में जाने से न्यायिक कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ेगा। जिससे पीड़ितों का निष्पक्ष न्याय मिलने में कठिनाई आएगी। सरकार न्याय व्यवस्था को कमजोर करने पर तुली है। मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकी नाथ पांडेय, कौशलेंद्र पाल, बैजनाथ गुप्ता, आनंद गुप्ता, मारुत कुमार शुक्ला, अवधेश सिंह, विवेक शुक्ला, विजय तिवारी आदि मौजूद रहे।