किसानों की उपेक्षा कर रही है सरकार : राकेश टिकैत
मुंडेरवा में शहीद किसानों की याद में आयोजित हुआ कार्यक्रम
कहा, सरकार नहीं कर रही फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित
मुंडेरवा (बस्ती)। शहीद किसानों की याद में रविवार को भारतीय किसान यूनियन की ओर से मुंडेरवा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार, किसानों की लगातार उपेक्षा कर रही है। फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों के लंबे संघर्ष के बाद सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने के लिए विवश होना पड़ा। न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए लंबे संघर्ष की जरूरत है। महंगाई से त्रस्त किसान फसल उत्पादन को लेकर चिंतित हैं। उन्हें लागत के सापेक्ष उत्पादन का दाम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में खेती से उनका मोहभंग हो रहा है।
सदर विधायक महेंद्र यादव ने कहा कि सरकार किसानों को परेशान करने का काम कर रही है। विधायक रुधौली राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सत्ता के बल पर सरकार किसानों का शोषण कर रही है। भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार ने कहा कि सरकारों ने हमेशा किसानों को ठगने का काम किया है। वह बाहर से किसानों की हितैषी दिखती है, लेकिन अंदर से उद्योगपतियों के इशारे पर काम करती है।
संगठन के पूर्वांचल अध्यक्ष अनूप चौधरी ने कहा कि किसानों की उपज के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं की जा रही है। गन्ना समर्थन मूल्य करीब पांच सौ रुपये बढ़ाए जाने की जरूरत है। राष्ट्रीय सचिव दीवान चंद पटेल ने कहा कि किसानों की हालत खराब है, लेकिन सरकार द्वारा इस पर चिंतन नहीं किया जा रहा है।
कार्यक्रम को भाकियू युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, राजपाल शर्मा, राजवीर सिंह जालौन, शोभाराम ठाकुर आदि ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में 11 दिसंबर 2002 में पुलिस फायरिंग में मारे गए तीन किसानों धर्मराज, तिलकराज व बद्री प्रसाद और घायलों के परिजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाकियू पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित 21 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम अतुल आनंद को सौंपा।
इस मौके पर रामचंद्र चौधरी, राम किशोर पटेल, राघवेन्द्र शाही, विनय सिंह, सतीश ओझा, सुभाष चंद्र किसान, परमात्मा चौधरी, चंद्रप्रकाश, सूर्य प्रकाश सिंह, जनार्दन मिश्रा, डॉ. आरपी, गौरीशंकर आदि मौजूद रहे।