बस्ती। आठ महीने कोतवाली क्षेत्र के दुधौरा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने गई तीन वर्षीय मासूम की हत्या के मामले की जांच करने बृहस्पतिवार को गोरखपुर से फोरेंसिक टीम बस्ती पहुंची। घटनास्थल का मुआयना कर टीम ने घटना से संबंधित कुछ साक्ष्य एकत्र किया। हालांकि लंबा वक्त गुजर जाने की वजह से टीम को कोई खास साक्ष्य हासिल नहीं हो पाया। टीम ने पीड़ित व आरोपी के परिवार के लोगों से भी बातचीत की। मामले की सीओ स्तर से विवेचना की जा रही है।
बता दें कि दुधौरा निवासी रवींद्र पाल की तीन वर्षीय पुत्री राशी पाल का 24 अक्टूबर 2022 को गांव के बाहर पानी से भरे गड्ढे में शव पाया गया था। उसके बाबा लालसा प्रसाद ने तहरीर देकर बताया था कि सुबह गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर संचालित प्री नर्सरी में वह पढ़ने गई थी। देर शाम उसका शव गांव के तालाब में मिला था। परिजनों ने मासूम संग अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी।
घटना के करीब एक माह बाद मृतका के बाबा लालसा प्रसाद की तहरीर पर गांव के परिषदीय स्कूल के शिक्षामित्र सुरेंद्र उपाध्याय पर हत्या का केस दर्ज किया गया था। विवेचना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेमलता का नाम भी शामिल हुआ था। इसी मामले में गोरखपुर से फोरेंसिक टीम बुलाई गई थी। दोनों गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कोतवाल विनय कुमार पाठक ने बताया कि यह रिपोर्ट विवेचक सीओ सिटी को सौंपी जाएगी।