बनकटी(बस्ती)। पुनीता पांडेय बनकर दुबौली कला प्राथमिक विद्यालय में नौकरी करने वाली गोरखपुर की प्राची तिवारी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई। लालगंज थाने की पुलिस ने रविवार को गोरखपुर के रामगढ़ थानाक्षेत्र के भरवलिया बुजुर्ग स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ लालगंज थाने में करीब एक साल पहले मुकदमा दर्ज कराया गया था। पकड़े जाने के डर से वह कई महीने से विद्यालय नहीं जा रही थी।
असल में पुनीता पांडेय निवासी मुखलिसपुर रोड थाना खलीलाबाद संतकबीरनगर सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। इनके अभिलेख पर यहां दूसरे के नौकरी हथियाने की शिकायत बीएसए से हुई थी। बीएसए स्तर से जांच कराई गई तो पता चला कि 2010 में सहायक अध्यापिका बनी आरोपी प्राची तिवारी ने नौकरी हासिल करने के लिए पुनीता पांडेय के नाम से फर्जी मार्कशीट, प्रमाणपत्र और विशिष्ट बीटीसी का प्रमाणपत्र हथिया लिया है। जांच पूरी होने के बाद पकड़े जाने के डर से वह 2020 से ही स्कूल से गैरहाजिर चल रही थी। बीएसए ने उसे बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। खंड शिक्षा अधिकारी ने लालगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी शिक्षिका पुनीता पांडेय का असली नाम प्राची तिवारी है और वह गोरखपुर की रहने वाली है। थानाध्यक्ष महेश सिंह ने बताया कि एसएसआई रामभवन प्रजापति, हेड कांस्टेबल अमरनाथ, महिला कांस्टेबल पुष्पा राजभर व नेहा मौर्या की टीम ने आरोपी प्राची तिवारी को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया।