बस्ती। जिले का गजेटियर फिर से तैयार किया जाएगा। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में पंद्रह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। अब पुराने गजेटियर में कई बदलाव होंगे। पुराने गजेटियर में जो जानकारी अनुपयोगी होगी, उसे हटाया भी जाएगा। इसके बाद तैयार गजेटियर को संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। पुराने गजेटियर में जिले के विस्तार और नए विकास का उल्लेख नहीं है।
नए क्षेत्र जुड़े, पुरानी चीजें कुछ लुप्त हो गईं तो कुछ अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। इसके बाद भी कई ऐसे जंगल, जलाशय आदि पुराने गजेटियर में हैं। नए गजेटियर में जिले की लंबाई, चौड़ाई, प्राकृतिक सीमाएं, क्षेत्रफल, जनसंख्या का वर्णन होगा। हाल के दिनों में बनी नगर पंचायत, विकास खंड, मेडिकल कॉलेज, पार्क, राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य मार्ग को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थान, राजस्व विभाग के आंकड़ों को शामिल किया जाएगा। किन फसलों का रकबा घटा, बढ़ा नए सिरे से अंकित किया जाएगा। बैंकों की संख्या इस समय कितनी है। परिवर्तित विधानसभा क्षेत्र, नवोदय, पॉलिटेक्निक, केंद्रीय विद्यालय को भी शामिल किया जाएगा।
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गजेटियर का नया नक्शा भी बनेगा
- पुराने गजेटियर से बने नक्शे में भी बदलाव किया जाएगा। नए नक्शे में विस्तारिकरण, नए संस्थानों को शामिल किया जाएगा, ताकि लोगों को मानचित्र के सहारे जिले के बारे में आसानी से जानकारी मिल सके।इसमें राजमार्ग, स्थानीय मार्ग, नए थाने, नए शैक्षणिक संस्थान, ओवर ब्रिज व पर्यटन स्थलों को दर्शाया जाएगा।
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क्या है गजेटियर
अंग्रेज प्रशासकों ने अपनी जानकारी और सुविधा के लिए गजेटियर तैयार कराया था। जिले और राज्यों के बारे में यह एक सरकारी दस्तावेज है, जो कि सबसे प्रामाणिक माना जाता है। गजेटियर में न सिर्फ जिलों का इतिहास होता है बल्कि उस जिले के बारे में प्रत्येक जानकारी होती है।
- गजेटियर समिति का गठन हो चुका है। इसकी बैठक के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। जल्द ही समिति कार्यों को शुरू कर देगी।
-डॉ. राजेश कुमार प्रजपति, सीडीओ