विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट ने सुनाया फैसला, प्रत्ये 30 हजार का अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट विनोद कुमार की अदालत ने 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने व दुष्कर्म के मामले दो सगे भाइयों सहित माता-पिता को दस-दस वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक को 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर प्रत्येक को दो वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
विशेष शासकीय अधिवक्ता अरविंद पांडेय व वंदना चौधरी ने अदालत को बताया कि घटना 13 अगस्त 2015 की है। कप्तानगंज क्षेत्र के पीड़िता के पिता ने तहरीर देकर कहा था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री थाना क्षेत्र में ही अपने मामा के यहां रहती थी। वहीं से 8 जुलाई 2015 को सरफराज अहमद अपने भाई मोइन अख्तर व माता खुतैजा खातून, पिता अंसार अहमद के सहयोग से उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर शादी करने के लिए मुंबई भगा ले गया और उसके साथ सरफराज अहमद ने जबरदस्ती दुष्कर्म किया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। न्यायाधीश ने साक्ष्य के आधार पर चारों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।