कटान देखकर छत पर बल्ब खोलने गए थे नसीम, तभी बहने लगा मकान
शुक्रवार को दिनभर मदरहवा पुरवा में मची रही चीख-पुकार
संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट (बस्ती)। बाढ़ प्रभावित गांव महुआपार कला के मदरहवा पुरवा में सरयू नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की सुबह 6:30 बजे राम भवन पासवान, विजय पाल, विजय कुमार और रमेश का पक्का मकान नदी की कटान में भर-भर कर गिर गया। छत पर बल्ब खोल रहे एक व्यक्ति ने वहां कूद कर किसी तरह जान बचाई। इससे उसका एक पैर फ्रैक्चर हो गया। चार मकान एक साथ सरयू नदी में सामने से गांव में कोहराम मचा हुआ है।
शुक्रवार को दिनभर पुरवे में चीख पुकार मची रही। सुबह मदरहवा पुरवा में नदी की कटान में एक-एक कर चार पक्का मकान धारा में समा गए। लोग अपने घर से सामान निकालकर सुरक्षित ठिकाने पर भेजने लगे। रात में नदी की निगरानी के लिए राम भवन पासवान के छत पर बाढ़ खंड की ओर से एक बल्ब लगाया गया था। कटान होता देखकर बैड़ारी निवासी नसीम छत पर बल्ब खोलने गए, तभी मकान नदी में समाने लगा, वह जान बचाने के लिए छत से कूद गए। जिससे उनका एक पैर फ्रैक्चर हो गया है।
संजय पासवान, अखिलेश, कोमल, सुग्रीम, राम तेरस, अरविंद कुमार, राम अवध, हरिश्चंद्र, सुभाष, माला देवी, वंशीलाल, मोहनलाल और सूरज के घर के करीब नदी की धारा पहुंच गई है। पीड़ितों ने बताया कि जिन लोगों के मकान नदी की धारा में बह चुके हैं, उन्हें प्रशासन की ओर से जमीन दी गई है। लेकिन, अब तक किसी प्रकार की आर्थिक मदद नहीं मिली है।