हर्रैया तहसील में 85 और सदर तहसील में 20 गांवों के बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना
तटबंध पर 12 बाढ़ चौकियां सक्रिय, नागरिकोें के लिए बनाए जा रहे 40 शरणालय
, उफनाती सरयू की लहरों सेे महसूस किया जा रहा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी उफान पर है। इससे जिले का दक्षिणी 70 किमी क्षेत्र सरयू की बाढ़ की जद में हैं। 150 गांवों पर बाड़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का भौगोलिक स्वरूप ऐसा है कि इसके दायरे में 20 ऐसे स्थान हैं, जहां नदी की धारा सीधे आबादी की तरफ होता है। वेग रोकने के लिए छह तटबंध बनाए गए हैं। इनमें लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध, काशीपुर-दुबौलिया, विक्रमजोत-धुसवा तटबंध, कटरिया-चांदपुर , गौरा-सैफाबाद, कलवारी-रामपुर तटबंध शामिल हैं।
78.650 किमी के इन तटबंधों पर लोलपुर-विक्रमजोत 7.950 किमी (कच्चा) ,विक्रमजोत-घुसवा- 13.500 ( पक्की सड़क), काशीपुर-कटारिया - 11.500 (ब्रिक सोलिंग), कटरिया-चांदपुर- 5.400 (ब्रिक सोलिंग), चांदपुर-गौरा- 1.800 (ब्रिक सोलिंग, गौरा-सैफाबाद- 13.400 (तिवारीपुर से दलपतपुर एक किमी सड़क बाकी ब्रिक सोलिंग), सैफाबाद-कलवारी- 5.800 (पक्की सड़क), कलवारी-रामपुर-19.300 चितुवापुर से चरकैला तक डेढ़ किमी पक्की सड़क बनी है। बाकी ब्रिक सोलिंग कराई जा चुकी है। बावजूद इसके पानी का दबाव बढ़ने पर कहीं न कहीं से लीकेज हो ही जाता है।
इस बार हर्रैया तहसील के 85 और बस्ती सदर तहसील क्षेत्र में 20 गांवों के बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। यहां बाढ़ आपदा से निपटने के लिए तरह- तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। आपदा विभाग की तरफ से 50 मोटर बोट सुरक्षित कर लिए गए हैं। एक दिन पहले दुबौलिया ब्लॉक के सुबिका बाबू गांव में चौतरफा पानी भर जाने से तीन मोटर बोट और पांच नाव उतार दी गई है। ताकि ग्रामीणों के आवागमन में असुविधा न होने पाए। आपात स्थिति में उन्हें बाढ़ प्रभावित गांव से बाहर निकालकर सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाया जा सकें।
बाढ़ प्रभावितों के लिए 40 शरणालय भी चिह्नित कर लिए गए हैं। इसमें हर्रैया तहसील क्षेत्र के दुबौलिया एवं विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में 32 और सदर तहसील के कुदरहा एवं बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र में 8 शरणालय बनाए जाएंगे। इसके लिए निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय और इंटर कॉलेज के भवन चिह्नित किए गए हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध के पास चिह्नित शरणालयों को चालू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। यहां तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।
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प्रशासन चौकन्ना, 12 बाढ़ चौकियां सक्रिय
बाढ़ आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो चली है। तटबंधों की सुरक्षा को लेकर बाढ़ खंड से लेकर प्रशासनिक अफसर खुद सक्रिय हैं। निगरानी के लिए मौके पर अधिकारियों की टीम पहुंच रही है। सरयू के किनारे बनाए गए 70 किमी लंबे तटबंध पर कुल 12 संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ चौकिया सक्रिय कर दी गई है। बाढ़ खंड की ओेर से सीसीटीवी कैमरों की मदद से सरयू की जलधारा पर नजर रखी जा रही है, ताकि आपातकाल स्थिति से निपटा जा सकें। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या से हर घंटे जलस्तर की रिपोर्ट ली जा रही है। तटबंध पर चौतरफा चौकसी बरती जा रही है।
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पिछले वर्ष बनाए गए थे 17 शरणालय
वर्ष 2023 में बाढ़ से निपटने के लिए हर्रैया एवं सदर तहसील क्षेत्र में 17 शरणालय बनाए गए थे। इसमें दुबौलिया ब्लॉक के कुछ शरणालय उपयोग में लाए गए थे। बाकी जगहों पर भगदड़ की स्थिति न होने के चलते शरणालय खाली रह गए थे।
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2022 में 1.24 लाख आबादी में बाढ़ ने मचाई थी तबाही
वर्ष 2022 में बाढ़ की त्रासदी झेलते हुए लोगोें को देखा गया था। लगभग 115 गांवों की 1.24 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई थी। कुल 7997 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरयू ने तबाही मचाई थी। सर्वाधिक कोहराम दुबौलिया, विक्रमजोत और कुदरहा ब्लॉक के गांवों में देखने को मिला था। भीषण कटान और जलभराव के चलते अनुमानित 25 हजार लोगों को शरणालयों की जरूरत पड़ी थी।
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अनाज किट के लिए हुआ टेंडर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनाज किट पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसकी जिम्मेदारी पूर्ति विभाग को मिली है। जहां तबाही के मंजर होगा वहां डिमांड के अनुसार खाद्यान्न नागरिकों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक किट की लागत 2883 रुपये हैं। इसमें आटा, दाल, तेल, नमक, भूजा, लाई, माचिस, मोमबत्ती आदि दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी।
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मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराएगा पशुपालन विभाग
पशुपालन विभाग को मवेशियों के लिए भूसा, चारा आदि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग को समय रहते राहत शिविरों में भूूसा, चारा आदि का स्टाॅक उपलब्ध करानेे के निर्देश दिए जा चुके हैं। हालांकि, अभी किसी शरणालय में इसकी उपलब्धता नहीं देखी जा रही है। विभाग का दावा है कि अगले एक- दो दिन में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी।
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किशोरियों को मिलेगा डिग्नेटी किट
संभावित बाढ़ प्रभावित गांव की किशोरियों को डिग्नेटी किट दिए जाने की व्यवस्था है। इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग को मिली है। इस किट में सेनेट्री पैड, साबुन, शैंपू, तेल, कंघी आदि जरूरत के सामान उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा बाढ़ शिविरों में स्वास्थ्य विभाग का कैंप भी लगेगा। प्रभावित गांवों में छिड़काव आदि की व्यवस्था की गई है।