मईपुर बड़कापुरवा के ग्रामीणों ने एसडीएम सदर से भूमि आवंटन की मांग की
कल्याणपुर और भरथापुर के नागरिक भी गांव में रहने को तैयार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू के दियारा में बसे लोग अब गांव छोड़ने को तैयार हैं। हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलते-झेलते यह लोग आजिज हो चुके हैं। अब लोग अपना रहन-सहन, गृहस्थी सब बदलने का मन बना लिए हैं।
कुदरहा क्षेत्र के 36 बाढ़ पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से भूमि आवंटन की पहल हुई तो अन्य गांवों के बाढ़ पीड़ित भी अन्यत्र बसने की जोर आजमाइश शुरू कर दी है। विक्रमजोत एवं दुबौलिया विकास क्षेत्र के तटबंध विहीन एक दर्जन गांवों के लोग प्रशासन से सुरक्षित जगह पर जमीन आवंटन की गुहार लगा रहे हैं, ताकि उनका परिवार भी साल भर अपनी घर-गृहस्थी संवार सकें। अब तक यह लोग हर साल अपना सबकुछ उजड़ते हुए देखते आ रहे हैं।
गायघाट संवाद के अनुसार, कुदरहा विकास क्षेत्र के बैड़ारी एहतमाली के मईपुर बड़का पुरवा के बाढ़ पीड़ितों को कलवारी-रामपुर तटबंध के उत्तर आवासीय पट्टा देने की पेशकश प्रशासन की तरफ से शुरू कर दी गई है। 36 बाढ़ पीड़ितों को भूमि आवंटन भी किया जा चुका है। मगर, कुछ लोग इससे वंचित रह गए हैं। मईपुर निवासी राघवराम और हरीराम ने एसडीएम सदर को पत्रक सौंपा है। बताया कि उनका सरयू नदी के कटान के करीब मकान है। उनके पास घर के अलावा और कोई अतिरिक्त जमीन नहीं है। ऐसे में उन्हें भी आवासीय पट्टा दिया जाए।
विक्रमजोत संवाद के अनुसार, बाढ़ प्रभावित गांव कल्याणपुर व भरथापुर के लोग भी अब अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। हर वर्ष बाढ़ की तबाही झेलने से अच्छा विस्थापन समझ रहे हैं। हिमांशु सिंह रानू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र में विस्थापन की मांग उठाई है।
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बाढ़ प्रभावित गांव में हुई फाॅगिंग
विक्रमजोत विकास क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव कल्यानपुर से बाढ़ का पानी खिसकने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। लोगों की मांग पर बीडीओ विक्रमजोत सुनील कुमार कौशल के नेतृत्व में शनिवार को फॉगिंग, एंटीलार्वा छिड़काव और सफाई कार्य कराया गया। बीडीओ ने बताया कि सभी सचिव को अपने एक-एक सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में फाॅगिंग मशीन, घास काटने की मशीन खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।
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लाल निशान से नीचे उतर गई सरयू, कटान शुरू
दुबौलिया। सरयू का जलस्तर तेजी से घट रहा है। अब नदी लाल निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे उतर गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार, शनिवार की दोपहर 12 बजे से जलस्तर स्थिर है। नदी लाल निशान 92. 230 मीटर से 45 सेंटीमीटर नीचे प्रवाहित हो रही है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत है। जबकि माझा देवारागंगबरार के दूसरी सोती में जलस्तर कम होने के बाद कटान शुरू हो गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। संवाद