- जाति प्रमाण पत्र के लिए फरियादी के पुत्र ने किया था आवेदन, लेखपाल पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप
- लेखपाल ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, बोले-नहीं मिला गांव से सटीक ब्योरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुदरहा/ बस्ती। एक सप्ताह के अंदर लेखपाल और फरियादी में मारपीट का दूसरा मामला सामने आया है। शुक्रवार को क्षेत्र भ्रमण पर निकले हलका लेखपाल सुरेंद्र प्रताप और परसांव गांव निवासी शब्बीर मोहम्मद में लालगंज थाना क्षेत्र के पिपरपाती चौराहे पर कहासुनी हुई। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। मामला थाने पर पहुंचा।
हलका लेखपाल सुरेंद्र परसांव गांव गए थे। इसी बीच पिपरपाती चौराहे पर शब्बीर से उनकी मुलाकात हुई। शब्बीर ने अपने बेटे के जाति प्रमाण पत्र के आवेदन को निरस्त करने का कारण पूछा। इसी बात को लेकर लेखपाल से उनकी कहासुनी होने लगी। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों में मारपीट शुरू हो गई। बाद में दोनों पक्ष थाने पहुंचा। शब्बीर की ओर आरोप लगाया गया कि उन्होंने 15 दिन पहले अपने पुत्र शमशेर अली का जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। संबंधित लेखपाल ने निवास प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के साथ ही जाति प्रमाण पत्र के आवेदन को निरस्त कर दिया। जबकि एक माह पहले उनके छोटे बेटे अजमेर अली का जाति और निवास प्रमाण पत्र संबंधित लेखपाल ने ही जारी किया था। आरोप लगाया कि लेखपाल ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की। न देने पर उनके बेटे का आवेदन निरस्त कर दिया। निरस्त करने का कारण पूछने पर लेखपाल भड़क गए और उनसे मारपीट शुरू कर दी। वहीं, लेखपाल का कहना है कि आवेदन प्राप्त होने के बाद उन्होंने गांव के लोगों से तस्दीक की। सही जानकारी न मिलने पर आवेदन निरस्त किया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की सुनवाई की है। अभी किसी भी तरफ से केस दर्ज नहीं किया गया है।