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Basti News: हिंसक जानवरों के हमले की दहशत... गांवों में 24 घंटे पहरेदारी

Wed, 18 Sep 2024 03:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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सियार के हमले से घायल कोयला देवी। 
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- रुधौली नगर पंचायत में जानवर के हमले में छह लोग घायल, ग्रामीणों ने एक सियार को पीटकर मार डाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बीते 10 दिनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भेड़िया जैसे दिखने वाले जानवर के हमले के कई मामले सामने आ चुके हैं। नगर पंचायत रुधौली के दो वार्डों के छह लोगों को सोमवार की रात हिंसक जानवर ने घायल कर दिया। ग्रामीणों ने रात में ही खेतों से ढूंढ़कर एक जानवर को मार डाला, जिसे सियार बताया जा रहा है। खौफजदा लोग गांव में 24 घंटे पहरा दे रहे हैं। बच्चे भी सिवान की तरफ लाठी-डंडा लेकर जा रहे हैं।
रुधौली संवाद के मुताबिक मध्य नगर निवासी गंगाराम (45) और हनुमान प्रसाद यादव (54) सोमवार की देर शाम आसपास बैठे थे। अचानक एक जानवर ने उन पर हमला बोल दिया, जब तक लोग कुछ समझ पाते जानवर भाग निकला। कुछ ही देर बाद रघुनाथपुर में काली स्थान के पास मौजूद पुलिया पर बैठी कोयला देवी पर जानवर ने हमला कर दिया। उनके चेहरे और दोनों हाथों पर पंजा मारकर घायल कर दिया। शोर मचाते हुए कोयला देवी भागकर कुछ दूरी पर स्थित राजेश गुप्ता की किराने की दुकान के पास पहुंची।
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पीछा करते पहुंचा जानवर वहां फिर हमला करने बढ़ा, मगर रामू ने लाठी लेकर उसे भगाया। रामू भी जोर से चिल्लाते हुए गांव की तरफ भागा। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में गांव के लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंच गए। इस बीच देखते ही देखते जंगली जानवर के हमले से गांव के शिवम (17), ब्यूटी (10), भोला (70) भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद खेतों में जानवर की तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने एक सियार को लाठी-डंडे से पीटकर मार डाला। घटना की जानकारी रुधौली पुलिस को दी गई।
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ग्रामीण मान रहे भेड़िया, वन विभाग सियार
पिछले 10 दिन से दहशत का पर्याय बने हिंसक जानवर को ग्रामीण भेड़िया मान रहे हैं। उनका कहना है कि भेड़िया दिन में धान और गन्ने के खेत में छिपा रहता है। जब उसे भूख लगती है तो व्याकुल होकर आबादी क्षेत्र में लोगों पर हमले कर देता है। कप्तानगंज क्षेत्र के बनहर, थूहा, खोभा, बनहा, ओझागंज सहित कई गांवों में दो साल पहले भी ऐसे ही खूनी भेड़िये का आतंक था। लोगों का कहना है कि मनवर, कुआनो और सरयू के किनारे झाड़ियों में भेड़िया रहते हैं। बारिश में पानी भर जाने से वे मैदानी क्षेत्रों में निकल आए हैं। हालांकि वन विभाग का कहना है कि अभी भेड़िया के निशान नहीं मिले हैं, सियार ही क्षेत्र में देखे जा रहे हैं।

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भेड़िया के हमले की पुष्टि सिर्फ बहराइच में हुई है। यहां अब तक जितने जानवर दिखे हैं वे सियार या फिशिंग कैट प्रजाति के हैं। सियार भी हमले करने लगे हैं। भानपुर और रुधौली में ग्रामीणों ने सियार ही पाया है। डीएम को रिपोर्ट दी गई है, जिले में जंगली जानवर के निकलने पर गोरखपुर स्थित प्राणि उद्यान के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
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जेपी सिंह, डीएफओ

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बढ़ती जा रही दहशत, रतजगा कर रहे गांवों के लोग

ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की दहशत बढ़ती जा रही है। पिछले सप्ताह परशुरामपुर के धेनुगांव में सात वर्षीय मासूम पर हमला करने और पैकोलिया क्षेत्र के औरातोंदा में बकरियों पर हमले का मामला सामने आया था। इसके बाद लोगों में डर और बढ़ गया। ग्रामीण भेड़िये का हमला बता रहे हैं और देर शाम खेतों की तरफ जाने से बच रहे हैं। हर्रैया क्षेत्र के समोढ़ी सहित अन्य गांवों में लोग टोलियां बनाकर पहरा दे रहे हैं। वन विभाग असमंजस में है। उधर, ऐंठी गांव में जानवरों का झुंड दिखाई देने के बाद से पोखरा, महुरैया, मेडौआ, बरहटा, मीता सोती, नरायनपुर, बसंतपुर, थूहा, खोभा, मरवटिया पांडेय, मनोरमा और मचोइया नाले के इलाके के लोग रात भर जाग रहे हैं।
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