बस्ती के रुधौली थाना क्षेत्र के डड़वा निवासी राजेश सिंह के मोबाइल फोन पर सोमवार को व्हाट्सएप कॉल आई। ठगों ने बताया कि उनका बेटा दुष्कर्म में फंस गया है। तीन घंटे में रुपये भेज दें, वरना उसे कोई बचा नहीं पाएगा। पुत्र मोह में राजेश ने तीन घंटे में 5.40 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खाते और ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से गंवा दिए।
रुधौली पुलिस को राजेश ने तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा हैदराबाद से बीटेक कर रहा है। 17 फरवरी को उनके व्हाट्सएप पर एक फोन आया, जिसमें एक पुलिसकर्मी की फोटो लगी थी। फोन करने वाले ने खुद का एसएचओ बताते हुए कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म के आरोप में पकड़ा गया है।
वह पुलिस की हिरासत में है। यदि बेटे का भविष्य सुरक्षित देखना चाहते हो तो एक नंबर दे रहा हूं, उस पर रुपये तुरंत गूगल-पे करो। यह बात किसी को मत बताना, वरना बेटे की जिंदगी खराब कर दूंगा। यह सुनकर वह हैरान रह गए और बेटे को फोन करने लगे, लेकिन उसका फोन नहीं उठा।
इससे वह तनाव में आ गए और बेटे के साथ अनहोनी की आशंका में ठग ने जैसे कहा वह करते चले गए। बताया कि पहले ठग के बताए नंबर पर 80 हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से भेजे। इसके बाद उसने दो खाता नंबर दिए, जिसमें उन्होंने पहले 1.70 लाख और दूसरे खाता नंबर पर 2.90 लाख रुपये भेजे। इसी बीच बेटे का फोन आ गया। उसने फोन करने की वजह पूछा तो राजेश सिंह ने सारा वाकया सुनाया।
बेटे के कहने पर वह बैंक पहुंच और मैनेजर काे सबकुछ बताया। मैनेजर ने ठग के दोनों खाता नंबर से रुपयों के लेनदेन पर रोक लगा दी। मगर, इतनी देर में ठग खाते से 2.40 लाख रुपये निकाल चुके थे। सीओ प्रमोद कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
बेटा उठा लेता फोन तो बच जाते रुपये
राजेश ने बताया कि घटना के समय बेटा मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रखकर कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। लंच के समय जब वह कॉलेज से खाना खाने निकला तो फोन पर मिस्ड कॉल देखकर फोन किया। तब तक रुपये जा चुके थे। यदि बेटे से पहले ही बात हो गई होती तो यह नौबत ही न आती।