फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: फोन पर मिली बेटे के दुष्कर्म में फंसने की सूचना... तीन घंटे में पिता ने गंवाए 5.40 लाख रुपये

Wed, 21 Feb 2024 05:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती

सार

बस्ती में रुधौली थाना क्षेत्र के डड़वा निवासी राजेश हुए ठगी के शिकार। व्हाट्सएप कॉल कर खाली कर दिया राजेश का बैंक खाता। ऑनलाइन ठगों ने हड़प लिए 5.40 लाख रुपये।
विज्ञापन
असम के तीन नाबालिगों का अपहरण - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विज्ञापन

बस्ती के रुधौली थाना क्षेत्र के डड़वा निवासी राजेश सिंह के मोबाइल फोन पर सोमवार को व्हाट्सएप कॉल आई। ठगों ने बताया कि उनका बेटा दुष्कर्म में फंस गया है। तीन घंटे में रुपये भेज दें, वरना उसे कोई बचा नहीं पाएगा। पुत्र मोह में राजेश ने तीन घंटे में 5.40 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खाते और ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से गंवा दिए।

रुधौली पुलिस को राजेश ने तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा हैदराबाद से बीटेक कर रहा है। 17 फरवरी को उनके व्हाट्सएप पर एक फोन आया, जिसमें एक पुलिसकर्मी की फोटो लगी थी। फोन करने वाले ने खुद का एसएचओ बताते हुए कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म के आरोप में पकड़ा गया है।
विज्ञापन


वह पुलिस की हिरासत में है। यदि बेटे का भविष्य सुरक्षित देखना चाहते हो तो एक नंबर दे रहा हूं, उस पर रुपये तुरंत गूगल-पे करो। यह बात किसी को मत बताना, वरना बेटे की जिंदगी खराब कर दूंगा। यह सुनकर वह हैरान रह गए और बेटे को फोन करने लगे, लेकिन उसका फोन नहीं उठा।

इससे वह तनाव में आ गए और बेटे के साथ अनहोनी की आशंका में ठग ने जैसे कहा वह करते चले गए। बताया कि पहले ठग के बताए नंबर पर 80 हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से भेजे। इसके बाद उसने दो खाता नंबर दिए, जिसमें उन्होंने पहले 1.70 लाख और दूसरे खाता नंबर पर 2.90 लाख रुपये भेजे। इसी बीच बेटे का फोन आ गया। उसने फोन करने की वजह पूछा तो राजेश सिंह ने सारा वाकया सुनाया।

बेटे के कहने पर वह बैंक पहुंच और मैनेजर काे सबकुछ बताया। मैनेजर ने ठग के दोनों खाता नंबर से रुपयों के लेनदेन पर रोक लगा दी। मगर, इतनी देर में ठग खाते से 2.40 लाख रुपये निकाल चुके थे। सीओ प्रमोद कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

बेटा उठा लेता फोन तो बच जाते रुपये
राजेश ने बताया कि घटना के समय बेटा मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रखकर कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। लंच के समय जब वह कॉलेज से खाना खाने निकला तो फोन पर मिस्ड कॉल देखकर फोन किया। तब तक रुपये जा चुके थे। यदि बेटे से पहले ही बात हो गई होती तो यह नौबत ही न आती।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें