बस्ती। नवजात के बदलने के मामला बृहस्पतिवार को पटाक्षेप हो गया। पहले से परिवार के मानने से बच्चे के पिता का तेवर ढीला पड़ गया था। इसके चलते वह बृहस्पतिवार को मान गए। बोले- जब परिवार को स्वीकार है तो मुझे भी इन्कार नहीं है। कहा कि फिलहाल अभी पूरा ध्यान पत्नी के इलाज पर है। घर पहुंचने के बाद परिवार से वार्ता कर जो निर्णय लिया जाएगा उसके अनुसार सोचा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 19 जून की रात लालगंज के ग्राम रामनगर की गर्भवती उर्मिला ओपेक चिकित्सालय कैली में रात में भर्ती हुईं। रात 12 बजे उन्हें आपरेशन से शिशु पैदा हुआ। आपरेशन में तैनात नर्स ने बाहर आकर पुत्र पैदा होने की बात पिता देवेंद्र व उनके परिवार के लोगों को बताई थी। नर्स की सूचना के करीब आधा घंटे बाद बच्चे को जब बाहर लाया गया तो वह लड़की थी। इसे देखते ही पिता देवेंद्र सहित पूरा परिवार भड़क गया और लड़के के स्थान पर बदल कर लड़की देने का आरोप लगाने लगा था। मेडिकल कॉलेज व अस्पताल प्रशासन ने परिवार व अस्पताल कर्मियों के साथ बैठाकर बातचीत कराई। हालांकि 24 घंटे तक मामला गरम रहा। उसके बाद परिवार के लोग मान गए।
बृहस्पतिवार को पिता देवेंद्र से बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि परिवार ने अस्पताल प्रशासन की ओर से दिए गए तथ्यों के आधार पर अपनी सहमति दे दी है। मैं भी परिवार से अलग नहीं हूं। पत्नी के डिस्चार्ज होने के बाद घर पहुंच कर बातचीत की जाएगी। उसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अभी पत्नी व बच्ची पर पूरा ध्यान है।
बोले सीएमएस
सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि इस मामले में सब कुछ सामान्य है। परिवार की गलतफहमी दूर कर दी गई उसके बाद वह मान गए। नवजात के बदले जाने का सवाल ही नहीं है, क्योंकि उस समय आपरेशन थियेटर में उर्मिला के अलावा किसी और का ऑपरेशन नहीं हुआ।