बंगाली बाबा के आने और युवक को दोबारा जिंदा करने की फैली अफवाह
21 जुलाई को सर्पदंश से जीतू की हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
भानपुर। श्मशान में दफन सर्पदंश से मृत युवक की कब्र पर सफेद चादर डालने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। किसी ने अफवाह फैला दी कि युवक को जिंदा करने के लिए बंगाली बाबा आ रहे हैं, जो झाड़-फूंक कर उसे फिर से जिंदा करेंगे। हालांकि, युवक के परिजनों ने इससे इन्कार करते हुए बताया कि कफन का कुछ कपड़ा बच गया था। उसे रविवार को उसकी कब्र पर ओढ़ा दिया था।
रविवार की सुबह करीब 8:30 बजे क्षेत्र में अफवाह फैली की सोनहा क्षेत्र के छपियाखास गांव के सिवान में श्मशान में बंगाली बाबा आ रहे हैं, जो 21 जुलाई को सर्पदंश से जान गंवाने वाले छपियाखास निवासी युवक जीतू को फिर से जिंदा करेंगे। देखते ही देखते छपियाखास गांव के सिवान में भीड़ जमा हो गई।
मौके पर पहुंचे असनहरा चौकी प्रभारी जयशंकर पांडेय ने देखा तो श्मशान में न कोई बाबा दिखा और न ही जीतू के परिवार का कोई सदस्य। चौकी प्रभारी जीतू के घर पहुंचे और इस बारे में पूछताछ की। राजू गौतम ने बताया कि 21 जुलाई की रात को उनके 18 वर्षीय बेटे जीतू की छत पर सोते समय सर्पदंश से मौत हो गई थी।
उसके शव को दफनाने के लिए लाए गए कफन का कुछ कपड़ा बच गया था तो परिजनों ने कहा कि इसे ले जाकर कब्र पर डाल आओ। उसी कपड़े को कब्र को ओढ़ा आया हूं। अब क्षेत्र में अफवाह किसने फैलाया इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। असनहरा चौकी प्रभारी ने बताया कि जांच की गई, लेकिन किसी बंगाली बाबा के आने की जानकारी नहीं मिली। क्षेत्र में किसी ने अफवाह फैला दी, जिसके कारण बड़ी संख्या में भीड़ हो गई थी। सभी को मौके से हटा दिया गया है।