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Basti News: अमरमणि की संपत्ति का पता लगाने के लिए पुलिस ने लखनऊ में डाला डेरा

Thu, 28 Dec 2023 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- अपहरण मामले में वांछित पूर्वमत्री की संपत्ति कुर्क करने की चल रही प्रक्रिया
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- 10 जनवरी को केस की सुनवाई से पहले कुर्की कर लेने का दबाव



संवाद न्यूज एजेंसी

बस्ती। 22 साल पुराने राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क करने की कवायद पुलिस ने तेज कर दी है। पुलिस की एक टीम ब्योरा जुटाने के लिए लखनऊ में डेरा डाल रखा है। बताया जा रहा है कि कोेेर्ट में अगली सुनवाई 10 जनवरी से पहले कुर्की की कार्रवाई कर ली जाएगी।
दो दिसंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि ने पुलिस को टीम गठित करके कुर्की करने का आदेश दिया था। यह कार्रवाई पूरी करके 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख पर अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। इस कार्रवाई का अनुपालन करने के लिए पुलिस की टीम गठित करने का भी आदेश दिया गया था। इसके बाद एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने सात दिसंबर को कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक कृपाशंकर मौर्य, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संजय कुमार, एसओ महिला थाना निधि यादव, एसओजी व स्वाॅट प्रभारी और चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस की नई टीम बनाई गई। टीम के पर्यवेक्षण का जिम्मा सीओ सिटी विनय चौहान को सौंपा गया।
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संयोग से 20 दिसंबर को न्यायाधीश के मौजूद न होने की वजह से सुनवाई नहीं हो पाई और अगली तारीख 10 जनवरी कर दी गई। इससे पुलिस को 20 दिन का अतिरिक्त समय मिल गया। कोतवाली के एसएचओ चंदन कुमार ने बताया कि गोरखपुर की संपत्तियों का पता लगा लिया गया है। लखनऊ और अन्य जगह की संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।
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यह है मामला

छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में अमरमणि समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। केस का ट्रायल शुरू करने के लिए न्यायालय बार-बार तलब कर रहा है, लेकिन पुलिस अमरमणि को न्यायालय के सामने पेश नहीं कर पाई। अमरमणि पर आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह तत्कालीन मंत्री अमरमणि का था। अमरमणि के खिलाफ 24 अक्तूबर 2011 से गैर जमानती वारंट जारी है। तीन नवंबर 2023 को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बस्ती कोतवाली पुलिस को सीआरपीसी-82 की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। 16 नवंबर की सुनवाई में पुलिस ने सीआरपीसी-82 की कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराया, लेकिन न्यायाधीश ने खारिज करते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के विरुद्ध कार्य में शिथिलता व लापरवाही का प्रकीर्णवाद दर्ज कर दो दिसंबर को तलब किया था। जिसमें कोतवाल ने माफी मांगा था।
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