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Basti News: नाइट्रोजन खाद का अधिक इस्तेमाल अगिया रोग का कारण

Sun, 28 May 2023 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। धान की फसल में अगिया (हरदिया) रोग का प्रकोप जिले में तीन से सालों से अधिक देखने को मिल रहा है। इससे फसल के बचाव के लिए कृषि विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने एडवाइजरी जारी कर किसानों को बचाव के तरीके सुझाए हैं। कृषि रक्षा विशेषज्ञ अजय कुमार तिवारी बताते हैं कि नाइट्रोजन युक्त उर्वरक के अधिक प्रयोग से अगिया रोग तेजी से फैलता है। इसे पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। फसल को बचाने के लिए इसका प्रबंधन किया जा सकता है।
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वायुमंडल का तापमान 25 से 30 प्रतिशत और आर्द्रता 90 प्रतिशत से अधिक होना अगिया रोग के लिए अनुकूल माना जाता है। यह धान की फसल में पुष्पावस्था के दौरान लगता है। हवाओं के साथ इसका प्रभाव तेजी से बढ़ता है। चपेट में आई धान की बालियां पीले और काले रंग के स्पोरबॉल से ढक जाती है। इस रोग से ग्रसित फसल की सरकार व व्यापारियों द्वारा खरीद नहीं की जाती। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
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कृषि रक्षा विशेषज्ञों के सुझाव
- गर्मी में गहरी जुताई से अगिया रोग के स्पोर मृदा से नष्ट हो जाते हैं।
- धान की नर्सरी के बीजों को स्यूडोमोनास फ्लोरिसेंस या ट्राईकोडर्मा से शोधन जरूर करें।
- खेत के मेढ़ों और सिंचाई नालियों को खर-पतवार से मुक्त रखें।
- खेतों में नीम की खली की बुआई करें।
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