बस्ती। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री की ओर से जारी समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश- 2047 विजन पोर्टल का स्वागत किया। बृहस्पतिवार को चीफ इंजीनियर कार्यालय पर एकत्र हुए अभियंताओं ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के लिए बिजली के निजीकरण का निर्णय निरस्त कर बिजली को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखना बेहद जरूरी है। संघर्ष समिति विजन 2047 के पोर्टल पर शीघ्र ही अपना प्रस्ताव भेजेगी। संघर्ष समिति ने कहा है कि निजीकरण के विरोध में अभियान और संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता। कर्मचारियों ने पांच बिंदुओं को लेकर चर्चा करते हुए बिजली निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाई और विरोध प्रदर्शन कर कहा कि निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। संवाद