बस्ती। मेडिकल कॉलेज रोड स्थित उमरी पोखरभिटवा में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को पं. देवस्य मिश्र ने ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद प्रसंग, वामन अवतार और महाभारत कथा का वर्णन किया। कथा सुनकर स्रोता भावविभोर हो उठे। कथा व्यास ने कहा कि ध्रुव और प्रहलाद जैसे भक्तों को भी घोर कष्टों का सामना करना पड़ा था। लेकिन कठिन दौर में भी उन्होंने भगवान के नाम का सहारा नहीं छोड़ा था। कथा व्यास ने श्रोताओं को बताया कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए आयु का बंधन नहीं होता है। ध्रुव ने अल्प आयु में ही भगवान के दिव्य दर्शन प्राप्त किए थे। मुख्य यजमान विश्राम चौधरी, नंदलाल चौधरी, भागीरथी चौधरी, सुनीता चौधरी, स्वाति चौधरी, पंडित रमाशंकर, पंडित आदित्य मौजूद रहे।