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Basti News: सारनाथ से आपात रोस्टिंग... मांग के अनुरूप ग्रिड में नहीं है बिजली

Thu, 01 Aug 2024 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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विकास भवन की लाइन फाल्ट होने पर दुरस्त करते लाइनमैन।
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- अघोषित कटौती से आम बेपटरी हो चुका है जनजीवन
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- जून माह की तुलना में 15 मेगावाट अधिक खपत हो रही बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अघोषित बिजली कटौती से आम जनजीवन बेपटरी हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उपभोक्ता परेशान हैं। जिलेभर में बिजली को लेकर हाहाकार मची हुई। अधिकारी लोकल फाल्ट बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। लेकिन यह कोई नहीं बता रहा है कि ग्रिड में बिजली कम होने के कारण सारनाथ से आपात रोस्टिंग की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 10 दिनों से जिले में अघोषित कटौती जारी है। शहर हो या देहात हर जगह की स्थिति खराब है। हमने बुधवार को कटौती के कारणों को जानने का प्रयास किया तो एक कर्मी ने बताया कि बारिश न होने से फसलों की सिंचाई के लिए बड़ी संख्या में अवैध रुप से मोटर चलाई जा रही है। ऊपर से उमस भरी गर्मी भी हो रही है। ऐसे में खपत सीजन के पीक पर है। शहर में 90 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। जो कि जून माह से 15 मेगावाट अधिक है। शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक खपत का आलम यह है कि 33 केवी लाइन में बमुश्किल 31 केवी करंट मिल पा रहा है।
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दूसरी ओर, उमस भरी गर्मी से महानगरों में बिजली की मांग बढ़ गई है। ऐसे में नगर निकायों व गांवों में ट्रांसमिशन से आपात रोस्टिंग कर दी जा रही है। आपात रोस्टिंग का कोई समय भी निर्धारित नहीं होता है। ग्रिड कंट्रोल रुम सारनाथ से जैसे ही मैसेज मिलता है तुरंत देहात व नगर निकायों की बिजली आपूर्ति रोक दी जा रही है।
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आपात रोस्टिंग के बाद धड़ाधड़ फाल्ट
- ट्रांसमिशन से 33 केवी उपकेंद्रों की बिजली आपात रोस्टिंग के समय बंद कर दी जाती है। जब सारनाथ से स्थित सामान्य होने का संदेश मिलता है तो दोबारा आपूर्ति शुरु की जाती है। 33 केवी उपकेंद्रो से जब उपभोक्ताओं को आपूर्ति शुरु की जाती है तो एकाएक लाइनों पर भारी लोड पड़ता है जिससे धड़ाधड़ लोकल फाल्ट आना शुरु हो जाता है। ऐसे में उपकेंद्रों के पास बिजली होने के बाद भी वह उपभोक्ताओं को नहीं दे पा रहे हैं।

हर 10 मिनट पर हो रही कटौती
- ग्रामीणों इलाकों की स्थिति बेहद खराब है। लोकल फाल्ट बताकर हर 10 मिनट पर कटौती की जा रही है। शाम के समय ग्रामीण इलाकों के उपकेंद्रों पर अवर अभियंताओं के न रहने से यह समस्या और भी विकराल हो जाती है। संविदा लाइनमैन व सब स्टेशन ऑपरेटर मनमानी करते हैं। इसे लेकर उच्चाधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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देहात में 60 मेगावाट खपत
- जिले में गिदही स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन से उपकेंद्रों को बिजली दी जाती है। गिदही से जून माह में अधिकतम 75 मेगावाट बिजली की प्रतिदिन खपत होती थी। जबकि जुलाई में यह खपत 90 मेगावाट तक पहुंच गई है। 132 केवी ट्रांसमिशन से जून माह में अधिकतम 52 मेगावाट की खपत प्रतिदिन होती थी। जबकि जुलाई में खपत 60 मेगावाट पहुंच गई है।
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