दो दिन से अंधेरे में रात गुजार रहे 38 हजार उपभोक्ता
- बहाल नहीं हुई बनकटी, महसों व कुदरहा उपकेंद्र की आपूर्ति
- कार्य बहिष्कार के कारण ट्रांसमिशन से नहीं मिला शटडाउन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बिजलीकर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुक्रवार को भी जारी रहा। वहीं, बृहस्पतिवार सुबह बनकटी, महसों व कुदरहा 33/11 केवी उपकेंद्र की लाइन फाल्ट की समस्या शुक्रवार को भी निस्तारित नहीं की जा सकी। करीब 38,000 उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छाया रहा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में वितरण और ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित सभी कर्मचारी व अधिकारी कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे हैं। इसका असर अब उपभोक्ताओं पर दिखने लगा है।
बृहस्पतिवार को उक्त तीनों उपकेंद्रों की 33 केवी लाइन फाल्ट में आ गई थी। इसे ठीक करने के लिए गिदही स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन से शटडाउन न मिलने के कारण फाल्ट दुरुस्त नहीं किया जा सका।
बनकटी में 15,000, महसों में 13,000 और कुदरहा उपकेंद्र से 10,000 उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है।
विद्युत वितरण मंडल अधीक्षण अभियंता एसके आर्या ने बताया कि फाल्ट आदि ठीक करने के लिए सेवा प्रदाता कंपनी बेसिल को नामित किया गया है, लेकिन ट्रांसमिशन से शटडाउन न मिलने के कारण फाल्ट ठीक नहीं किया जा सका।
कर्मचारी संगठनों ने कार्य बहिष्कार का किया समर्थन
धरनारत बिजलीकर्मियों को कर्मचारी संगठनों ने समर्थन देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष राम अधार पाल व मंत्री तौलू प्रसाद ने कार्य बहिष्कार को नैतिक समर्थन दिया। राम अधार ने बताया कि शनिवार से राज्य कर्मचारी परिषद धरना प्रदर्शन में शामिल होगा। दूसरी ओर सीटू नेता कामरेड कुमार कार्तिकेय त्रिपाठी धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव मनोज कुमार यादव, राम बहादुर यादव, अखिलेश यादव, सालिकराम, दुर्गेश नंदन, आशुतोष लाहिड़ी, अभिषेक कुमार, ज्ञानप्रकाश, शैलेष, सुनील सिंह आदि मौजूद रहे।