बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाना पड़ता है दूर
संवाद न्यूज़ एजेंसी
गौर। ग्राम पंचायत बभनगांवा खुर्द आज भी विकास से कोसों दूर है। सूबे के मुखिया गांव के विकास के लिए सजग दिख रहे हैं। मगर, अब भी तमाम गांव ऐसे हैं जहां विकास की किरण नहीं पहुंच पाई है। गांव में नौनिहालों के शिक्षा की व्यवस्था नहीं है। उन्हें शिक्षा ग्रहण करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
गौर विकास खंड के ग्राम पंचायत बभनगांव खुर्द में आजादी के बाद से अब तक प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम केंद्र नहीं है। ऐसे में छोटे बच्चे की शिक्षा के लिए कॉन्वेंट स्कूलों में अधिक फीस देकर नाम लिखाना मजबूरी है या तो दूसरे गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को शिक्षा ग्रहण के लिए भेजा जाता है। गांव की आबादी लगभग 2500 के आसपास है और इसी ग्राम पंचायत में राजस्व गांव कटास व जोगिया भी शामिल है।
दो वर्ष पहले गांव में पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत में कोई सरकारी भवन नहीं है। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में गांव के मतदाताओं को जूनियर हाईस्कूल कवलसिया में मतदान के लिए जाना पड़ता है। जबकि पंचायत चुनाव में पहले टेंट लगाकर गांव में मतदान कराया जा रहा था।
गांव की प्रधान ममता सिंह ने बताया कि गांव का विकास कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। गांव में पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय के अलावा कोई सरकारी भवन नहीं है।आजादी के बाद से अब तक बच्चों की शिक्षा के लिए प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र का भी निर्माण नहीं हो पाया है। अभिभावकों को बच्चों को दूर के विद्यालयों में भेजना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गांव के विकास के लिए अधिकारियों के माध्यम से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।