बस्ती। शहर के रोडवेज के गेट पर मिले लावारिस मासूम के माता पिता का पता रविवार की शाम चल गया। चाइल्ड लाइन के कोआर्डिनेटर चंदन ने बताया कि बच्चे के पिता ने यह बात बताई है कि पत्नी की दिमागी हालत ठीक नहीं है। ऐसे में वह बच्चे को रोडवेज पर भूल कर चली गई थीं। बताया है कि रविवार को माता पिता व अन्य परिजन पहुंच गए हैं। बच्चे से मिले तो बच्चे ने माता पिता को पहचान लिया और उनके सीने से लग गया।
बता दें कि 02 जून को रोडवेज डिपो परिसर के गेट पर डायल 112 की ओर से सुबह साढ़े सात बजे चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई कि एक लावारिस मासूम पड़ा हुआ है। डायल 112 ने मासूम को जिला अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद उसे चाइल्ड लाइन में भेज दिया गया था।
परिवार के लोगों के मुताबिक, दिमागी रूप से कमजोर मां बच्चे से बिछुड़ने के बाद गोंडा पहुंच गई, जहां उसने परिवार के पुराने परिचित मेहताब से संपर्क साधा। मेहताब ने अमृतसर में महिला के पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा को सारी बात बताई। मेहताब के चाचा ने तत्काल महिला के पति को यह बात बताई। इसके बाद 2 जून की शाम पति परिवार सहित गोंडा पहुंचे। यहां बेटे को न देख वे सहम गए। जब मासूम के पिता ने अपनी पत्नी से बेटे के बारे में पूछा तो वह कुछ बता नहीं पा रही थी, मगर फिर उसने याद कर गोरखपुर में बच्चे को छूट जाने की बात कही। इसके बाद परिवार सीधे गोरखपुर पहुंचा, मगर वहां बेटे को न पाकर परेशान हुए। इसी बीच मां को अचानक बस्ती में रोडवेज पर बेटे को भूलने की बात याद आ गई। गोरखपुर से बच्चे के माता पिता व अन्य परिजन यहां पहुंच रोडवेज चौकी प्रभारी राकेश मिश्र से मिले। राकेश ने सारी बात जानने के बाद उन्हें चाइल्ड लाइन भेजा, जहां बच्चे से पूरा परिवार मिला।
चाइल्ड लाइन के जिला कोऑर्डिनेटर चंदन शर्मा ने बताया कि बच्चे को उसके परिवार के लोग मिल गए हैं। अब सोमवार को औपचारिकताएं पूरी कर बच्चे को उसके माता पिता को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल बेटा अभी चाइल्ड लाइन में ही है।