बस्ती। पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार रात से जिले में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और पूर्वी हवा चलने के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई। जिसके चलते पाल्यूटेंट भारी हो गए और ऊपर नहीं उठ पाए। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से सुबह धुंध छाई रही। इससे बचने के लिए चिकित्सकों ने सुबह सैर सपाटा न करने की सलाह दी है।
चालू माह में मौसम लगातार परिवर्तित हो रहा है। पारा कभी 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो रहा है तो कभी 27 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ की आंशिक सक्रियता मार्च शुरूआत से अब तक बनी हुई है। पूर्वी हवा चलने पर विक्षोभ का प्रभाव अधिक हो जाता है। रविवार सुबह भी यही प्रभाव देखने को मिला। सुबह की शुरुआत घनी धुंध से हुई। सुबह छह बजे 100 मीटर ही दृश्यता दर्ज की गई। दिन चढ़ने पर जब पूर्वी हवा चली तो धीरे-धीरे धुंध छंटने लगी। दिनभर हल्की धुंध छायी रही। रविवार की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 163.0 और शाम पांच बजे 107 दर्ज हुआ।
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ऐसे समझें धुंध की गणित
- रविवार सुबह धुंध देखकर लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। घर से बाहर निकल कर देखा तो ओस की बूंदें भी नहीं दिखीं। दिनभर धुंध को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जाते रहे। मौसम वैज्ञानिक डाॅ. अमरनाथ मिश्र बताते हैं कि मार्च के अंत में धुंध देखकर लोग आश्चर्यचकित हो गए। उन्होंने बताया कि तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। इससे वातावरण में नमी कम हो रही है और धूल के कण बढ़ रहे हैं। शनिवार रात जब पूर्वी हवा चली तो वातावरण में नमी बढ़ गई और पाल्यूटेंट (प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक) भारी होकर होकर ऊपर वायुमंडल में नहीं जा पाए। इससे रविवार की सुबह धुंध छायी रही। इससे हवा भी जहरीली हो जान का डर रहता है।