बस्ती। कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में शुक्रवार को लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट कार्यक्रम के तहत बारिश का पानी संरक्षित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र के अध्यक्ष प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि जून 2019 तक भारत के करीब 65 प्रतिशत जलाशय सूख चुके हैं। देश की जनसंख्या को देखते हुए यह बेहद खतरनाक स्थिति है।
कहा कि रेनवॉटर हार्वेस्टिंग बारिश के पानी को जमा करने का एक तरीका होता है। इस पानी को बाद में फिल्टर कर इस्तेमाल किया जा सकता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश का पानी संचय करने से भूजल से हमारी निर्भरता कम करता है। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. बीवी सिंह ने कहा कि बारिश के पानी में बेहद कम दूषित पदार्थ होते है और यह मीठा होता है। कार्यक्रम को वैज्ञानिक डॉ. अंजली वर्मा, डॉ. प्रेम शंकर, डॉ. हरिओम मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मौके पर प्रगतिशील किसान दिलीप कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह, अवनींद्र कुमार दुबे आदि मौजूद रहे।