अयोध्या-गोरखपुर फोरलेन पर आवागमन शुरू होते ही वाहनों की कतार टूटने का नाम नहीं ले रहीं
नहीं दिखता डेंजर जोन, ब्लैक स्पॉट का भी नहीं पता चल पाता
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/महराजगंज। अयोध्या-गोरखपुर फोरलेन पर आवागमन शुरू होते ही वाहनों की कतार टूटने का नाम नहीं ले रही हैं। घने कोहरे की परवाह न करते हुए लोग दिन-रात सफर में हैं। इस फोरलेन पर कोहरे के बीच सफर करना खतरे से खाली नहीं है। जरा भी चूके तो हादसे का शिकार हो सकते हैं। कारण यह कि यहां के चिह्नित 43 अवैध कट और 25 ब्लैक स्पॉट के बारे में मुसाफिरों को पता ही नहीं चलता। कहां पर जेब्रा क्राॅसिंग है, कहां डिवाइडर सकरा है। इन जगहों पर लगने वाला साइन बोर्ड भी गायब है।
यदि आप इस रूट पर कभी ड्राइविंग करते निकले होंगे तो स्थिति की गंभीरता बेहतर समझेंगे। जनवरी 2023 से अब तक के हादसों की बात करें तो 389 हादसों में 164 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 40 फीसदी हादसे कोहरे में कम दृष्यता की वजह से हुए। जनवरी के शुरुआत से ही कोहरे का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में रात और सुबह के वक्त फर्राटा भरना खतरे से खाली नहीं रहता है। नेशनल हाईवे पर न तो संकेतक लगे हैं और न ही कहीं पर ओवर स्पीड को रोकने की व्यवस्था है।
अंधे मोड़ पर अचानक आने वाले अवरोधों से बचने में हादसे हो जा रहे हैं। यदि कहीं सरकारी निर्माण हो रहा है तो उसकी गिट्टी-मिट्टी भी सड़कों पर ही पड़ी रहती है। एनएचएआई के सुरक्षा प्रबंधक श्याम अवतार शर्मा ने बताया कि अधिकतर डेंजर जोन पर बोर्ड लगवाए गए हैं। अन्य जगहों पर भी जल्द ही लगवा दिए जाएंगे।
हाईवे पर परसा हज्जाम, परसा जाफर चौराहा, गोटवा, कप्तानगंज चौराहा, भदावल, महूघाट, बबुरहवा चौराहा, रामजानकी तिराहा, पचवस चौराहा, विक्रमजोत, पटखापुर चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा के अलावा सबदेईया कला, चैनपुरवा ओवरब्रिज के पूर्वी छोर, पटेल चौराहा, संसारीपुर चौराहा, बडहर तिराहा, मझौआ चौराहा, अमहट पुल, हडिया ओवरब्रिज, बड़ेवन फ्लाईओवर पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
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डिवाइडर की रेलिंग भी टूटी
जिले की सीमा में विक्रमजोत से घघौवा से संतकबीरनगर के कांटे तक तीन दर्जन से ज्यादा बड़े ढाबे हैं, जहां पार्किंग नहीं होने से भारी वाहन फोरलेन के किनारे खड़े रहते हैं। करीब डेढ़ दर्जन पेट्रोल पंप हैं। इनके सामने डिवाइडर काटकर रास्ता बना लिया गया है। अवैध कट से निकलते वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी भी हाईवे पर बनी रहती है।
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सुरक्षित रहने के लिए बरतें सावधानी
रात में राह चलते समय सावधानी बरतें, सामने और पीछे से आ रहे वाहनों से त दूरी बनाए रखें। सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर पार करें। सड़क पर ब्रेकर आने पर सावधानी बरतें। दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में वाहन की रफ्तार कम कर लें। सड़क किनारे खड़े होकर वाहन का इंतजार करने पर पर्याप्त दूरी बनाए रखें। वाहनों पर लाइट रिफलेक्टर लगवाएं। रात में वाहन चलाते समय अपर-डिपर का प्रयोग करें। अचानक ब्रेक लेने से बचें। निर्माणाधीन सड़कों पर वाहन चलाते समय सचेत रहें। कोहरे में सड़क किनारे सफेद पट्टी देखकर चलें। इंडीकेटर ऑन रखते हुए हॉर्न का प्रयोग करते रहें। वाहन में फॉग लाइट लगवाएं। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट बांधें। बाइक चलाते समय हेलमेट पहनें। ज्यादा जरूरी न हो तो रात में वाहन चलाने से परहेज करें।