बस्ती। शहरी क्षेत्र के लिए चलाई गई अमृत योजना अभी कारगर नहीं हो सकी है। नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न वार्डों की 25 हजार आबादी के लिए प्रस्तावित पेयजल की अमृत धारा पांच साल बीतने के बाद भी नहीं पहुंच सकी है। जिम्मेदार प्रस्तावित मुहल्लों में पाइप लाइन बिछाकर भूल गए। घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़े जाने की प्रक्रिया अभी अधूरी है। एक दर्जन से अधिक मुहल्लों के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
वर्ष 2018 में अमृत योजना के तहत शहरी क्षेत्र के वंचित मुहल्लों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की कवायद शुरू हुई। 23 करोड़ की स्वीकृत इस परियोजना के तहत एक हजार किलोलीटर क्षमता की आठ टंकियों के निर्माण के साथ 95 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी। शुद्ध पेयजल की सुविधा से वंचित कुल 6200 घरों में पानी का कनेक्शन दिया जाना था। कार्यदायी संस्था जल निगम विभाग को परियोजना पूर्ण कर नगर पालिका को दो साल पहले ही हस्तांतरित कर देनी थी। मगर अभी तक यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। टंकियों के निर्माण के साथ पाइप लाइन बिछाकर जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ लिया है। जिन गलियों और मार्गों पर पाइप लाइन बिछाई गई वहां आसपास के कुछ घरों में ही कनेक्शन दिए गए। बाकी घरों को छोड़ दिया गया है।
परियोजना हस्तांतरित न होने से नई पाइप लाइन के जरिये पानी की आपूर्ति भी नियमित नहीं हो पा रही है, जिससे आमजन को नलों से निकलने वाले दूषित जल का सेवन करना पड़ रहा है।
छोटे नल से बुझ रही लोगों की प्यास
नरहरिया, कटरा, मंगला काॅलोनी, संतपुर, पचपेड़िया, महदेव ताल, बस्ती खास, राजा बाजार, बनरही आदि एक दर्जन से अधिक शहरी क्षेत्र के विस्तारित मुहल्लों में पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो गया है। मगर पानी की आपूर्ति न होने से लोग प्रदूषित जल का सेवन कर रहे हैं। यहां घरों में 60 से 70 फीट गहराई तक बोर हुए नलों के सहारे लोगों की प्यास बुझ रही है। पाइप लाइन बिछने के दो साल बाद भी यहां के आम नागरिकों को जलापूर्ति का इंतजार है। लोग नहाने से लेकर पानी पीने तक दूषित पानी निकालने वाले नलों पर निर्भर हैं।
-
नरहरिया में टपकने लगी टंकी, रौता में लाइन लगाकर भर रहे पानी
रौता गांव में जगह न मिलने के कारण काफी दिनों तक टंकी का निर्माण नहीं हो सका। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद यहां टंकी के निर्माण के साथ विस्तारित क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाई गई तो आपूर्ति ही नहीं चालू की जा सकी है। यहां के नागरिक नल के सामने सुबह लाइन लगाकर पानी भरते हुए नजर आए। सभासद मंजू श्रीवास्तव ने बताया कि पानी की टंकी केवल खड़ी कर दी गई है। यह चालू नहीं की गई है। 300 घरों के लिए पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई है। अधिकांश घरों में अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया है। वहीं नरहरिया वार्ड की सभासद अमरावती देवी ने बताया कि उनके वार्ड में बनी टंकी उपयोग में आने से पहले ही टपकने लगी है, जबकि लगभग सौ घरों के लिए पाइप लाइन का निर्माण नहीं हुआ है। विस्तारित क्षेत्र में न तो घरों को कनेक्शन दिया गया है और न ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। सिविल लाइन क्षेत्र के सभासद सर्वेश यादव ने बताया कि उनके वार्ड में बिछाई गई पाइप लाइन में कई लीकेज की समस्या आ रही है। आपूर्ति चालू होते ही पानी सड़क पर बहने लगता है। जिसे ठीक नहीं कराया जा रहा है। मूड़घाट में बनाई गई टंकी से भी पानी टपकने की शिकायत है।
-
इन जगहों पर बनाई गई एक हजार किलो लीटर क्षमता की टंकी
शहर के अमहट, मूड़घाट, आईटीआई परिसर, डूडा कार्यालय के निकट, निर्मली कुंडी, जामडीह, अस्पताल चौराहा के निकट और रौतापार समेत कुल आठ जगहों पर एक हजार किलो लीटर क्षमता की टंकी बनाई गई है। इस क्षेत्र से जुड़े ऐसे मुहल्ले जहां पानी आपूर्ति की व्यवस्था नहीं बनी थी, वहां नई पाइप लाइन बिछाई गई है।
पाइप लाइन का कार्य कुछ दूरी तक किया गया था। उसके नजदीक पड़ने वाले कुछ घरों में कनेक्शन भी दिया गया। इसके बाद कोई झांकने नहीं आया। हम लोग कनेक्शन के लिए इंतजार कर रहे हैं।
-संदीप सोनकर, नरहरिया
हमारे मुहल्ले में पानी की टंकी बनाई गई है, लेकिन हम लोगों के घरों के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। कई घरों में दूषित पानी ज्यादा आ रहा है, जिससे दूसरे घरों के नलों पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है।
-अमरदीप, रौता।
सिविल लाइन क्षेत्र की नई आबादी में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। कुछ हिस्सों में ही पाइप बिछाया गया है। वह भी लीक कर रहा है। कनेक्शन से अभी तमाम घर वंचित है।
-सनम सिंह, कंपनीबाग।
-
मूड़घाट में बनाई गई पानी की टंकी से कटरा क्षेत्र की नई आबादी में जलापूर्ति कराई जा रही है। लेकिन टोटी में पानी का फ्लो नहीं रहता है। या तो कहीं लीकेज की समस्या है या ठीक से आपूर्ति नहीं हो रही है।
-मीनू पांडेय, कटरा।
-
परियोजना का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। जिन जगहों पर लीकेज आदि की शिकायत है उसे ठीक कराया जा रहा है। लक्ष्य के अनुसार 6200 घरों को कनेक्शन दे दिया गया है। अंतिम रूप से ट्रायल कर शीघ्र यह परियोजना नगर पालिका को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
-रेहान फारूकी, अधिशासी अभियंता, जल निगम (शहरी)