संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हर बात पर गूगल सर्च करने वालों के लिए यह खबर किसी सबक से कम नहीं है। खासकर कस्टमर केयर या हेल्पलाइन नंबर तलाश करने में बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
क्योंकि साइबर अपराधियों ने गूगल पर फर्जी हेल्पलाइन अथवा कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर रखा है, जो गूगल पर सर्च करते ही असली से दिख जाती हैं। उन नंबरों को डायल करने पर कॉल साइबर ठगों के पास चली जाती है।
ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर कोई महिला या पुरुष बातों में फंसाकर गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रुपये उड़ा ले रहे हैं। यकीन न हो तो बुधवार को साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुए 11.28 लाख रुपये के फ्राड के बारे में जान लें। रुधौली क्षेत्र के रहने वाले ठेकेदार अमरेंद्र कुमार को अधिक मात्रा में सीमेंट की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने गूगल पर एक ब्रांडेड कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। कस्टमर केयर के नंबर पर संपर्क किया तो बताया गया कि कंपनी के अधिकारी आपसे दो घंटे में संपर्क साधेंगे।
इसके बाद उनके मोबाइल पर फोन आया और खुद को सीमेंट कंपनी का अधिकारी बताते हुए सीमेंट उपलब्ध कराने की बात कही। उनकी डिमांड के अनुसार साइबर अपराधियों ने इन्वाइस बनाकर व्हाट्सएप पर भेजा। इस तरह चार हजार बोरी सीमेंट के लिए 11 लाख 28 हजार रुपये अलग-अलग खातों में मंगा लिए गए। सीमेंट की आपूर्ति न होने पर ठगी का अहसास हुआ।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर उस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर ही लेना चाहिए।
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक विकास यादव बताते हैं कि अगर किसी को एसबीआई के कस्टमर केयर का नंबर जानने के लिए उसकी अधिकृत वेबसाइट पर जाएं। इसी तरह बैंक का आईईएफसी कोड भी गूगल के सर्च करते हैं। ा