बस्ती। विभागीय दायित्वों के प्रति लापरवाही करना जिले की दोनों यूनिट के भूमि संरक्षण अधिकारियों पर भारी पड़ गया। डीएम ने अग्रिम आदेश तक दोनों अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में जल संचयन संबंधी बैठक में समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि सिंचाई के लिए पक्की गूल निर्माण करने के लिए अप्रैल में पहली किस्त मिलने के बाद भी मात्र 43.37 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है। जबकि अधिकांश कार्य जून से अगस्त तक पूरा किया जाना था।
दोनों यूनिट के द्वारा कुल 55 कार्य किए जाने हैं, जिनमें से आठ करोड़ के सापेक्ष मात्र 81 लाख रुपये व्यय हुए हैं। डीएम ने 15 दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ कार्यों की समीक्षा के दौरान हर्रैया तहसील में सरयू नदी के बाएं तट पर उमरिया बांध का निर्माण मई 2024 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। सरयू नहर खंड- चार बस्ती, अयोध्या तथा गोंडा के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पाया कि सिल्ट सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। लेकिन शतप्रतिशत भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया। नलकूप खंड के कार्यों की समीक्षा हुई। बताया गया सभी 44 नलकूपों की मरम्मत एवं रख-रखाव का कार्य पूरा कर लिया गया है। नवीन राजकीय नलकूप निर्माण योजना के तहत 40 में से 18 नलकूपों का 50 प्रतिशत कार्य पूरा किया गया है। शेष कार्यों को मार्च 2024 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिला योजना के तहत 14 में से 12 नलकूपों का मरम्मत एवं रख-रखाव पूरा कर लिया गया है।डीएम ने जलनिगम ग्रामीण तथा नगरीय मिलाकर कुल 38 नलकूपों की तकनीकी जांच के लिए टीम गठित करने के लिए निर्देश दिए। बताया गया कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा 5358 किसानों के उथले, 42 किसानों के मध्यम गहरे नलकूप बनवाए जा रहे हैं। मार्च 2024 तक इसे पूरा किया जाएगा। मनरेगा द्वारा 2709 के सापेक्ष 918 तालाबों का पुनर्रुद्धार होना बताया गया। शेष 1791 में तालाबों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।