फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: डीजे का शोर... बुजुर्गों और बच्चों की बढ़ रहीं दिल की धड़कनें

Sat, 14 Oct 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
शादी-ब्याह में बरात ले जाते समय तेज आवाज में बजाए जा रहे डीजे
विज्ञापन

अध्यात्मिक उत्सव में भी डीजे की धूम, कान के परदे पर गूंजती है आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। उच्च आवृत्ति के स्पीकर से मच रहा शोर सेहत के लिए खतरनाक है। सड़क पर बजने वाले डीजे की गूंज से आसपास के घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक हिल रहे हैं। इसकी ध्वनि सीधे आने पर कान के परदे भी कंपन करने लगते हैं। यह तीव्र गति की ध्वनि कमजोर दिल के लोगों की जान पर भी बन आती है। इसीलिए शासन ने उच्च आवृत्ति में डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मगर, इसका पालन अभी सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है।
देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और जलसा-जुलूसों में कुछ उत्साही युवा श्रद्धालु डीजे की तेज आवाज पर नाचते-झूमते और शोर मचाते जाते हैं। अमहट घाट पर गंदगी फैलाते हैं। लोग पूरी रात शोर-शराबे के चलते नींद भर सो नहीं पाते। डीजे की तेज धमक से बुजुर्गों की धड़कनें बढ़ जाती हैं। लोगों का कहना है कि तेज धमक से बीमार, बुजुर्ग ही नहीं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की भी बेचैनी बढ़ जाती है। गणेश उत्सव तो बीत गया अब दुर्गापूजा-लक्ष्मीपूजा और छठ पर्व को लेकर तमाम नागरिक इस समस्या को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन से उम्मीद है कि जगह-जगह तेज ध्वनि विस्तार पर अंकुश लगाया जाए।
विज्ञापन

...
प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में बजते हैं डीजे
प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ज्यादातर जुलूस अस्पताल चौराहा, रोडवेज, महिला अस्पताल, गांधीनगर, कंपनीबाग से होकर गुजरते हैं। इस दौरान प्रतिमाओं के साथ डीजे की तेज ध्वनि में भक्ति गीतों और जयकारों की गूंज होती है। करीब से जुलूस गुजरने के दौरान आसपास मकानों और दुकानों में कंपन महसूस किया जाता है। कमजोर दिल के लोग कान बंद कर लेते हैं। ध्वनि इतनी तेज होती है कि अगल-बगल बैठे लोग भी एक-दूसरे की बात नहीं सुन पाते हैं। दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं। गांधीनगर की शालिनी ने बताया कि छोटे बच्चे डीजे की तेज आवाज सुनकर रोने लगते हैं। गर्भवती महिलाओं की भी तबीयत बिगड़ जाती है। बुजुर्ग निरंकार प्रसाद का कहना है कि विसर्जन यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे के बजने से सभी लोग परेशान रहते हैं। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान जमकर डीजे बजाए गए। डीजे बजाने वाले अति उत्साही कुछ युवक मना करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। बुजुर्ग और बीमार लोगों को परेशानी होती है। रातभर डीजे बजने से लोग सो नहीं पाते हैं। इससे उनका अगला दिन खराब हो जाता है। डीजे की आवाज से सिर दर्द और उल्टी होती है। ह्दय रोगियों को खतरा बना रहता है।
...


पांच साल तक की कैद व एक लाख जुर्माने का प्रावधान

दीवानी कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता दिवाकर प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि डीजे बजाने को लेकर कोर्ट की गाइडलाइन का पालन कराया जाना जरूरी है। वर्ष 2019 में प्रयागराज के सुशील चंद्र श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून का उल्लंघन नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन होगा। इस कानून का उल्लंघन करने पर पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
...

यह है हाईकोर्ट के आदेश

ध्वनि प्रदूषण कानून का उल्लंघन करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज हो।

त्योहारों से पहले अधिकारी बैठक कर ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाना सुनिश्चित करें।
कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित थानाध्यक्षों की होगी।
शहरी क्षेत्रों को औद्योगिक, व्यवसायिक और रिहायशी में श्रेणीबद्ध किया जाए।

शिकायत सुनने के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया जाए। ऐसे अधिकारी का फोन नंबर और अन्य ब्यौरा सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करें।
...
बोले- नागरिक

किसी भी धर्म, समुदाय के कार्यक्रम में डीजे बजाने से लोगों को परेशानी होती है। इसके लिए जो मानक तय हैं, उनका पालन किया जाना चाहिए। हम लोग त्योहार के समय नींद भर सो नहीं पाते हैं।
-जितेंद्र कुमार पांडेय, मैलानी
...
सबसे ज्यादा परेशानी प्रतिमा विसर्जन के दौरान होती है। प्रतिमाओं को लेकर अमहट घाट की ओर जाने वाले लोग तेज आवाज में डीजे बजाते हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए।
प्रदीप कुमार, रौता पार

..
हाईकोर्ट ने डीजे बजाने के संबंध में गाइडलाइन तय की है, लेकिन अधिकारियों की ओर से इसकी अनुमति दे दी जाती है। इस पर सख्ती बरती जानी चाहिए।
प्रेम चंद्र उर्फ पिंटू, रौता चौराहा
...
रात में डीजे पर फूहड़ गाने बजाए जाते हैं। इससे लोगों को शर्मसार होना पड़ता है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान रातभर समस्या रहती है। बच्चे सो नहीं पाते हैं। इस पर रोक लगाना जरूरी है।
विज्ञापन

पवन शुक्ल, पिकौरा शिवगुलाम
...
कोट
तेज ध्वनि में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके लिए पूजा कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं मानक के विपरीत बजते हुए डीजे पाया गया तो कार्रवाई होगी। आम नागरिक इसकी सूचना प्रशासन को दे सकते हैं।
-विनोद कुमार पांडेय, एसडीएम सदर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें