संयुक्त परिवार, अकेले रहता था राम चंद्र
स्थानीय लोगों ने बताया कि दिवंगत राम चंद्र का संयुक्त परिवार है। मगर वह दुकान पर अकेले ही रहता था। उसकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। इसके अन्य दो भाइयों में एक पूना और दूसरा दिल्ली में रहकर रोजी रोजी रोटी कमाता है। उसका इकलौता पुत्र शिवम (18) परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव में रहता है। दिवंगत का भोजन प्रतिदिन घर से बनकर आता था और वह खाना खाकर दुकान पर ही सो जाता था।
शराबियों पर शक
ट्राइसाइकिल से चलने वाले दिव्यांग की निर्मम हत्या को लेकर लोगों में कई तरह की चर्चाएं हैं। मगर किसी की समझ में नहीं आ रहा है कि निरीह इंसान की हत्या किसने और क्यों की होगी। इस बीच लोगों का मानना है कि देर रात तक खुली रहने वाली शराब की दुकान पर कोई शराबी आया हो और उसने राम चंद्र से चखना वगैरह मांगा हो। न देने पर शायद उसने घटना को अंजाम दिया हो। हालांकि पुलिस इस बावत अभी कुछ बताने से बच रही है।