बस्ती। यदि पशुपालकों के जानवर सड़क या खेतों में खुला घूमते हुए पकड़े जाएंगे तो उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसके लिए डीएम प्रियंका निरंजन ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। वह शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक ले रहीं थीं।
डीएम ने कहा कि वृहद स्थायी गोआश्रय स्थलों एवं अस्थायी गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था में सुधार लाया जाए। जिनके पालतू जानवर खुले में घूमते हुए मिले तो उन्हें पहले नोटिस दिया जाए बाद में उनसे जुर्माना वसूल किया जाए। दोबारा या तीसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माना डबल वसूल किया जाएगा। उन्होंने नारायणपुर गोशाला में रिपोर्ट में दर्शाए गए आंकड़े के मुताबिक जानवर कम रखें जाने पर संबंधित ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
बैठक में अनुपस्थित अधिशासी अभियंता विद्युत हर्रैया का वेतन रोकने तथा उन्हें विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि निर्देश के बाद भी 57 में से महज 25 अधिकारियों द्वारा गोशालों ओ निरीक्षण किया जाना चिंताजकर है। शेष अधिकारियों से तीन दिन के भीतर निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। वृहद गोआश्रय स्थल रमना तौफीक, कोयलपुरा, सरौता, उदवंतपुर, कठौती, सऊदी में पूरी क्षमता से गोवंश सुरक्षित रखे जाए।
अपर मुख्य अधिकारी को निर्देशित किया कि कांजी हाउस की व्यवस्था में सुधार लाएं तथा अधिक से अधिक जानवर संरक्षित करें। ईओ नगर पालिका ने बताया कि खुले में जानवर छोड़े जाने पर पशुपालकों से 11000 रुपये जुर्माना वसूल किया गया है। डीसी मनरेगा ने बताया कि 48 स्थानों पर नेपियर घास लगाई गई है। डीएम ने विद्युत विभाग के बकाया बिलों के भुगतान पर जोर दिया। कहा कि 15 सितंबर तक सभी स्कूलों में विद्युत कनेक्शन कराना सुरक्षित करें। इसके अलावा अयोध्या शाखा की 39 में से 12 नहरों के टेल तक पानी न पहुंचाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिशासी अभियंता को कार्रवाई की चेतावनी दी।
इस मौके पर सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा, पीडी राजेश झा, डीडीओ निर्मल द्विवेदी, उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार, डीआईओएस जगदीश शुक्ल आदि मौजूद रहे।